दुपहिया वाहन के पहिए में  दुपट्टा फंसने से किशोरी घायल

देवरी:-    देवरी-चिचगड मार्ग पर स्थित कलचुआ शिवार में मंगलवार दोपहर को घटित  एक हादसे में 15 वर्षीय किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तिडका (ता. अर्जुनी/मो.) के रहने वाले मोनिका वासुदेव सोलकालंकी (उम्र 15 वर्ष) और उनका भाई महेश ढेलुराम सोलकालंकी अपनी मोटर साइकिल (नंबर MH35 AY 7099) से चिचगड से देवरी की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 3:00 बजे कलचुआ शिवार के पास अचानक मोनिका का दुपट्टा बाइक के पिछले पहिये में फंस गया। पहिये में दुपट्टा खिंचने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों भाई-बहन सड़क पर गिरकर घायल हो गए। इस हादसे में 15 साल की मोनिका को गंभीर चोटें आई हैं।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादसे की खबर मिलते ही 'नरेंद्र महाराज सेवा संस्थान' की एम्बुलेंस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। घायल भाई-बहन को तुरंत इलाज के लिए ग्रामीण अस्पताल, देवरी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
सुरक्षा को लेकर अपील ऐसे हादसों के मुख्य कारण और परिणाम
  • गंभीर चोटें और अंग-भंग: पहिये या चेन में दुपट्टा फंसने से तेज झटका लगता है। झाँसी में हुई एक दर्दनाक घटना में बाइक की चेन में दुपट्टा फंसने से एक युवती का हाथ कोहनी से कटकर अलग हो गया था। 
  • गले में फंदा लगना: पहिया घूमने के साथ ही दुपट्टा गले में कस जाता है, जिससे श्वास नली (Windpipe) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती है और दम घुटने का खतरा रहता है। [1]
  • संतुलन बिगड़ना: अचानक पहिया जाम होने या खिंचाव होने से वाहन अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर जाता है, जिससे पीछे बैठी सवारी के साथ-साथ चालक भी गंभीर रूप से घायल हो जाता है। [1, 2]
सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
  1. दुपट्टे को ठीक से संभालें: दोपहिया वाहन पर बैठते समय दुपट्टे या साड़ी के पल्लू को खुला छोड़ने के बजाय उसे अपने शरीर के साथ अच्छी तरह लपेट लें या उस पर बैठ जाएं।
  2. साड़ी गार्ड का उपयोग: सुनिश्चित करें कि आपकी मोटरसाइकिल पर पूरी तरह से कवर करने वाला साड़ी गार्ड (Sari Guard) लगा हुआ हो, जो कपड़ों को पहिये के संपर्क में आने से रोकता है।
  3. सजग रहें: यात्रा के दौरान बीच-बीच में यह जांचते रहें कि आपका कोई कपड़ा नीचे लटक तो नहीं रहा है
इस घटना के बाद नागरिकों और विशेषकर दुपहिया वाहनों पर पीछे बैठने वाले यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा करते समय अपने कपड़े, दुपट्टा या ओढ़नी संभालकर रखें ताकि वे पहिये या चैन में न फंसें और ऐसे हादसों को टाला जा सके।