गोंदिया वन क्षेत्र में एक नर सारस की मौत
गोंदिया तहसील के दासगांव परिसर में एक नर सारस की मौत की खबर से पक्षी प्रेमी में प्रशासन के प्रति आक्रोश है.. सारस की मौत की खबर भी दो दिन बाद प्रकाश मेंआई।घटना की सूचना 27 ता. को मिलने पर, वन विभाग की एक टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने सारस के शव को कुडवा स्थित पशु चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। पक्षी प्रेमियों ने इस घटना के कारणों की गहन जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारीनुसार, मृत नर सारस की आयु चार साल की थी और उसके दो बच्चे थे। पक्षी प्रेमियों का अनुमान है किचिंता जताई है कि सारस के पंख पर लगी ट्रैकिंग डिवाइस,जिसका इस्तेमाल उसकी लोकेशन ट्रैक करने के लिए किया जाता है।संभावना है कि उसी वजह से उसे कोई संक्रमण या स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो गई हो, जो उसकी मौत का कारण बनी। नियम है कि हर तीन महीने में ट्रैकिंग उपकरणों की जांच होनी चाहिए लेकिन नियमों काे पालन में कोताही के कारण सारस की जान गई हो।नियमानुसार 'बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी' (BNHS) स्थानीय स्तर पर मानद प्रतिनिधि चुनती है। ये प्रतिनिधि वन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर सारसों की स्थिती की निगरानी करते हैं।इस परियोजना के लिए सरकार से फंड भी आता है। पिछले वर्षों में इस क्षेत्र में कई सारस मृत पाए जाने के बाद उनकी मौतों के पीछे के काऱणों की कोई गहन जांच की मांग की गई है। सहायक रेंज वन अधिकारी विजय धांडे ने बताया कि मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
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