महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर माओवादियों द्वारा छिपा कर रखे गए हथियार और विस्फोटक बरामद

गढ़चिरौली जिले को हिंसा मुक्त घोषित किे जाने के बाद यह एक मामला सामने आया है जिसमें पुलिस ने महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर कोपर्शी जंगल इलाके में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। सुरक्षा बलों पर बड़ा हमला करने के इरादे से छिपाए गए इस सामान को बरामद करके, पुलिस ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।

        गढ़चिरौली पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि माओवादियों ने कोपर्शी जंगल में भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपा रखी है। इस जानकारी के आधार पर और पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में, 'प्राणहिता' स्पेशल ऑपरेशन स्क्वाड की पांच यूनिट और दो बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड टीमों ने 6 अक्टूबर को तलाशी अभियान चलाया। सुरक्षा कर्मियों ने इलाके की घेराबंदी की और गहन तलाशी ली, जिसके बाद ज़मीन में छिपाए गए हथियारों का जखीरा मिला।

    ज़ब्त किए गए सामान में एक .303 राइफल, दो सिंगल-शॉट राइफल, दो देसी पिस्तौल, एक BGL लॉन्चर, दस BGL शेल, 21 जिंदा कारतूस, सात डेटोनेटर, 150 मीटर केबल वायर, दो मैगज़ीन, दो प्रेशर कुकर, तीन वॉकी-टॉकी, तीन वॉकी-टॉकी चार्जर और दो बैटरी शामिल थीं। इसके अलावा, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार मौके पर ही माओवादियों से जुड़ी अन्य सामग्री को नष्ट कर दिया गया। यह ऑपरेशन SP एम. रमेश के आदेशों के तहत अतिरिक्त SP (ऑपरेशन्स) कार्तिक मधिरा, अतिरिक्त SP गोकुल राज जी. और अतिरिक्त SP अहेरी (प्राणहिता) हर्षवर्धन बी.जे. द्वारा चलाया गया। इस ऑपरेशन को स्पेशल ऑपरेशन्स स्क्वाड 'प्राणहिता', इंटेलिजेंस सेल और BDDS स्क्वाड के कर्मियों ने डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ऑपरेशन्स) सुनील उइके की देखरेख में सफलतापूर्वक अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक एम. रमेश ने इस मिशन में शामिल कर्मियों की विशेष रूप से सराहना की है।