उपभोक्ता संरक्षण कानून की सहायता से ही मिल पाया , 6,86,568 रुपये का धनादेश 

गोंदिय -  गणेश नगर निवासी विगत जनवरी 2015 से ट्रेन हादसे में अपंग होने के कारण मिले मुआवजे के लिए  पवन श्रावण तिवारी भारतीय स्टेट बैंक’ के चक्कर काट कर परेशान होकर उपभोक्ता संरक्षण कानून की सहायता लेने आदालत गए ।उनका कहना था कि रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल (RCT), नागपुर ने 2017 में  4.80 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर कर 3 लाख रुपये की एक एफडी 5 साल के लिए बनाने का आदेश था। 

मध्य रेलवे ने जनवरी 2018 में ही मुआवजे के 3 लाख रुपये का चेक SBI गोंदिया शाखा को भेज कर एफ ड़ी बनाने कहा गया  पर वह एफडी बनी ही नहीं।बार -बार पूछे जाने पर बैक ने कहा कि चेक भुनाए जाने का कोई रिकॉर्ड हमारे पास नहीं है  नहीं है।इसलिे एफडी नहीं बनी।िस मामले कोलेकर जब तिवारी ने उपभोक्ता संरक्षण कानून की सहायता ली तो धारा 72 के तहत जारी गैर-जमानती वारंट के निकलते ही मुख्य प्रबंधक अरविंद कुमार ने  30 ऑक्टो.शुक्रवार को एसबीआई गोंदिया शाखा में बना  6,86,568 रुपये का धनादेश कोर्ट के समक्ष सौंप दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2026 होगी।