करंट लगाकर चीतल का शिकार, खाल और मांस जब्त; 5 आरोपियों पर मामला दर्ज

गोंदिया: 30 OCT - सालेकसा वनपरिक्षेत्र के बाकलसर्रा इलाके में  विद्युत प्रवाह छोड़ कर  छोड़कर एक चीतल का शिकार किए जाने की खबर है। वन विभाग की टीम को खबर मिलते ही चीतल की खाल, मांस और शिकार में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त कर ली है। पांच लोगों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जिनमें से दो आरोपी फिलहाल फरार  हैं। 
 28 अक्टूबर 2026 को वन विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि बाकलसर्रा के जंगल में  वन्यजीवों का शिकार किया जा रहा है। वन विभाग की टीम दबिश से मौके की जांच के दौरान अधिकारियों को चीतल की ताजी चित्तीदार खाल, मांस और शिकार से जुड़ी सामग्री मिली। अधिकारी की उपस्थिति और पंचों के समक्ष घटनास्थल का पंचनामा तैयार कर पूरा माल जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए मांस और खाल के नमूनों को चिकित्सकीय परीक्षण तथा फॉरेंसिक जांच के लिए पशुधन विकास अधिकारी और न्याय वैज्ञानिक प्रयोगशाला भेजा गया है।
  वन विभाग ने इस मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48, 50 और 51 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान नरेंद्र श्रीराम चौडाये (26), दिनेश भरतलाल मेश्राम (26), राजू भागचंद उईके (30), भरतलाल किसनलाल मेश्राम (60) और कृष्णा बिसराम चौडाये (55, सभी निवासी बाकलसर्रा, तहसील सालेकसा, जिला गोंदिया) के रूप में हुई है।  यह पूरी कार्रवाई उपवनसंरक्षक पवन कुमार जोग और सहायक वनसंरक्षक सचिन डोंगरवार के मार्गदर्शन में सालेकसा वनपरिक्षेत्र अधिकारी अतुल वालके के नेतृत्व में की गई। इस ऑपरेशन में क्षेत्र सहायक जे.जी. खान, चौव्हान, प्रदीप भंडारकर, किशोर फुंडे, विनोद भेंडारकर, पाऊलझगडे, सुलाखे और सुनील बारसे सहित अन्य वनरक्षक व वनकर्मचारियों ने सहयोग किया।