महाराष्ट्र के 305 ताहसीलें सूखाग्रस्त घोषित, किसानों को मिलेंगी 12 तरह की राहतें

जिलाधिकारियों को तत्काल पंचनामा कराने के निर्देश, फसल नुकसान की सहायता अलग शासन निर्णय से होगी घोषित । विधायक विनोद अग्रवाल द्वारा दी गई जानकारी 

मुंबई। महाराष्ट्र में खरीफ सीजन के दौरान बारिश की कमी और अन्य संबंधित परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने 305 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है। सरकार ने इन तालुकों में किसानों और ग्रामीण नागरिकों को राहत देने के लिए 12 तरह की सुविधाएं एवं उपाययोजनाएं लागू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को फसलों के नुकसान का तत्काल पंचनामा कराने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य सरकार के 14 अक्टूबर 2026 के शासन निर्णय के अनुसार, जून से 5 अक्टूबर 2026 तक की वर्षा की स्थिति, बारिश की कमी तथा ट्रिगर-1 और ट्रिगर-2 के अंतर्गत प्राप्त जानकारी के आधार पर सूखाग्रस्त तालुकों को अंतिम रूप से घोषित किया गया है।

फसल नुकसान के पंचनामे तत्काल होंगे-                                            शासन ने संबंधित जिलाधिकारियों को सूखाग्रस्त घोषित तालुकों में पंचनामे की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सर्वेक्षण किए गए क्षेत्रों में फसलों की वास्तविक स्थिति दर्ज की जाएगी। इसके लिए फसलों की स्थिति दर्शाने वाले छायाचित्र और जीपीएस कोऑर्डिनेट भी संकलित किए जाएंगे।फसल स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट कृषि आयुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को तत्काल प्रस्तुत करनी होगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आगे की कार्यवाही की जा सके।

किसानों को मिलेंगी ये प्रमुख राहतें- सरकार ने सूखाग्रस्त तालुकों में विशेष उपाययोजनाओं के तहत निम्नलिखित सुविधाएं देने का निर्णय लिया है।

1. जमीन के राजस्व में छूट: पात्र किसानों को जमीन के राजस्व संबंधी देयकों में राहत मिलेगी।

2. फसल ऋण का पुनर्गठन: किसानों के फसल ऋण के पुनर्गठन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

3. कृषि संबंधी कर्ज वसूली पर स्थगन: खेती से संबंधित ऋणों की वसूली पर नियमानुसार स्थगन की सुविधा लागू होगी।

4. कृषि पंपों के बिजली बिल में राहत: 7.5 हॉर्सपावर तक के कृषि बिजली पंपों का बिल पहले ही माफ किया जा चुका है। शासन निर्णय के अनुसार इससे अधिक क्षमता वाले पंपों को भी संबंधित छूट लागू होगी।

5. विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क से राहत: स्कूली और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में माफी दी जाएगी।

6. रोजगार गारंटी के कामों में वृद्धि: रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत कामों के मानदंडों में शिथिलता लाकर अधिक से अधिक काम शुरू किए जाएंगे।

7. टैंकर से पेयजल आपूर्ति: आवश्यकता वाले क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

8. कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन सुरक्षित: पानी की कमी घोषित गांवों में किसानों के कृषि पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटने की व्यवस्था की गई है।

9. खाद्यान्न की उपलब्धता: खेती पर निर्भर किसानों और खेत मजदूरों को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

10. पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था: सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पशुधन के लिए आवश्यक चारा उपलब्ध कराने के उपाय किए जाएंगे।

11. जल संरक्षण के काम: पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जल संरक्षण संबंधी कार्य शुरू किए जाएंगे।

12. पीने के पानी और पशुओं के पानी का नियोजन: पहले जारी शासन निर्देशों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी।

फसल नुकसान की आर्थिक सहायता अलग से घोषित होगी-            शासन निर्णय में स्पष्ट किया गया है कि सूखाग्रस्त घोषित 305 तालुकों के किसानों को फसल नुकसान के लिए आर्थिक सहायता अलग शासन निर्णय के माध्यम से घोषित की जाएगी। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होगा। इसलिए फिलहाल इन राहत उपायों की घोषणा को फसल नुकसान के लिए घोषित मुआवजे से अलग समझना जरूरी है।

संबंधित विभागों को निधि उपलब्ध कराने के निर्देश-                              सरकार ने कहा है कि इस निर्णय के अंतर्गत दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं पर होने वाला आर्थिक भार संबंधित प्रशासनिक विभागों को उठाना होगा। इसके लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराकर आगे की कार्यवाही की जानी है।इस निर्णय से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में कृषि, पेयजल, पशुधन और ग्रामीण रोजगार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही तेज होने की उम्मीद है।शासन निर्णय का संदर्भ: महाराष्ट्र शासन, शासन निर्णय क्रमांक — समिती-2026/प्र.क्र.82/मदत-2, दिनांक 14 अक्टूबर 2026