ग्राहकों के नाम पर एक्टिवेट सिमकार्ड से ठगों ने की1.56 लाख की ठगी
आमगाँव- ग्राहकों को मुफ्त में, कुछ को कम कीमत पर और कुछ ग्राहकों को सिमकार्ड की प्रक्रिया पूरी नहीं होने का झूठा कारण बताकर उनका सक्रिय हो चुका सिमकार्ड छगों को बेचने का एक मामला सामने आया है. इस मामले में 03 युवको को पकड़ा गया है। इन सिमकार्डो का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया गया, जिसके जरिए देश के विभिन्न राज्यों के नागरिकों से 1 लाख 56 हजार 798 रु. की आर्थिक धोखाधड़ी की गई. आमगांव तहसील के शंभुटोला निवासी आरोपी प्रविण धनराज मेंढे (21), भोसा निवासी मोनू शिवशंकर मटाले (19) ने कुछ ग्राहकों को मुफ्त में सीम देने का वादा कर अपने जाल में फँसाया और कुछ को कम कीमत पर सिमकार्ड देने की प्रक्रिया पूरी कर नए सिमकार्ड उपलब्ध कराए. वहीं, कुछ ग्राहकों को सिमकार्ड बिक्री की प्रक्रिया पूरी नहीं होने का झूठा कारण बताकर उनका सक्रिय हो चुका सिमकार्ड न देकरअपने पास रख लिया. उन सिमकार्डो को तीसरे आरोपी तिरोड़ा निवासी निरंजन मस्के (23) को सौंपा गया। इसके बाद सिमकार्ड और मोबाइल नंबर साइबर अपराध में इस्तेमाल के लिए आगे भेजे गए. साइबर ठगी करने वाले गिरोह ने इन नंबरों का उपयोग कर देशभर के नागरिकों को निशाना बनाया. आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए सिमकार्ड का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, आर्थिक धोखाधड़ी और एआई सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन खरीदने के नाम पर ठगी के लिए किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस की एटीएस, एनआईए या साइबर क्राइम सेल का अधिकारी बनकर फर्जी पहचान बताई गई. नागरिकों को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखाकर भी ठगी करने का आरोप है. इस मामले में साइबर सेल गोंदिया के पुलिस कर्मचारी राजेश शंकर शेंद्रे की लिखित शिकायत पर पुलिस अधीक्षक के आदेश से मामला दर्ज किया गया है. जांच आमगांव थाने के पुलिस निरीक्षक नीलकंठ कुकड़े कर रहे हैं।

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