सौरभ राजपूत केस में फैसला-नीले ड्रम वाली  मुस्कान रस्तोगी को उम्रकैद और मुख्य आरोपी साहिल शुक्ला को फांसी की सजा

सौरभ राजपूत हत्या मामले में आज मेरठ की जिला अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह एक रेय़र केस हैऔर इस मामले में  कातिलों के साथ किसी भी प्रकार की दया नहीं होना चाहिेए,यह देश के हर नागरिक की भावना है।गवाहो और सारे सबुतों को देखते हुए कोर्ट ने  सह-आरोपी मान कर मुस्कान रस्तोगी को उम्रकैद और मुख्य आरोपी साहिल शुक्ला को फांसी (मृत्युदंड) की सजा सुनाई है।

घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन -

  • साल 2016: मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत ने मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह (लव मैरेज) किया था।
  • साल 2019: सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चले गए। इस दौरान मुस्कान दोबारा अपने पूर्व प्रेमी साहिल शुक्ला के संपर्क में आई。
  • 24 फरवरी 2025: सौरभ राजपूत लंदन से वापस भारत लौटे।
  • 25 व 28 फरवरी 2025: सौरभ ने पहले पत्नी मुस्कान और फिर अपनी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया।
  • 3 मार्च 2025: सोची-समझी साजिश के तहत मुस्कान ने सौरभ को नींद की गोलियां दीं। इसके बाद अपने प्रेमी साहिल को बुलाकर सौरभ की बेरहमी से हत्या कर दी।
  • 4 मार्च 2025: मुस्कान ने अपनी मासूम बेटी को अपने मायके छोड़ दिया।
  • 5 मार्च 2025: साक्ष्य छुपाने के इरादे से दोनों ने शव को टुकड़ों में काटकर किराए के मकान में एक नीले प्लास्टिक ड्रम में सीमेंट और रेत भरकर दबा दिया। इसके बाद दोनों निश्चिंत होकर शिमला और मनाली घूमने चले गए।
  • 17 मार्च 2025: दोनों पहाड़ों से वापस लौटे, जिसके बाद पुलिस को शक हुआ।
  • 18 मार्च 2025: सौरभ के भाई बबलू की शिकायत पर मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर नीले ड्रम से शव बरामद किया।

फैसला सुनाते समय दोनों आरोपी कोर्ट में भी मौजूद थे।17 मार्च 2025 से अदालत में इस केस को लेकर बहस शुरू हुई और आज 30 सिंतबर को सजा सुना दी गई।

अफेयर व मामले का विवरण -  मर्चेंट नेवी में काम करने वाला सौरभ राजपूत और उसकी पत्नी मुस्कान ने परिवार के खिलाफ जाकर वर्ष  2016 में शादी की और मेरठ में एक किराये के घर में रहते थे। दोनों की एक बेटी भी है। सौरभ की नौकरी विदेश में होने के कारण वह घर पर कम ही रहता ता।इसी बीच मुस्कान का मेरठ में ही रहने वाले साहिल से अफेयर शुरू हो गया। इसी अफेयर के चलते उन दोनों ने साहिल की हत्या की प्लानिंग की और दोनों शव को ठिकाने लगाने के लिए नई तरकीब खोज ली।24 फरवरी 2025 को सौरभ भारत लौटने के पहले ही फर्जी प्रिसिक्पशन के सहारे साहिल और मुस्कान ने खैरनगर से गोलियां खरीदीं और साथ में 2 बड़े चाकू, रेजर और बैग भी खरीदा। 25 फरवरी को मुस्कान का बर्थडे था और पार्टी भी थी। साहिल और मुस्कान पूरी प्लानिंग कर चुके थे पर सौरभ को उनके प्लान की भनक भी नहीं थी।