अतिदुर्गम सिरोंचा तालुका में बेहतर बिजली आपूर्ति के लिए तेलंगाना से वैकल्पिक व्यवस्था

                             संचालक धनंजय औंढेकर ने बिजली व्यवस्था के कार्यों का लिया जायजा

गोंदिया, 15 सितंबर 2026: -  मुख्यमंत्री एवं गडचिरोली जिले के पालकमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के जिले के अतिदुर्गम सिरोंचा तालुका में और अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेलंगाना राज्य से वैकल्पिक बिजली व्यवस्था तैयार की जा रही है। इसके लिए महापारेषण और महावितरण द्वारा बिजली व्यवस्था से जुड़े विभिन्न कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। महावितरण के संचालक (संचालन) श्री धनंजय औंढेकर ने रविवार (13 सितंबर) को इन कार्यों का निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा की।

गडचिरोली जिला मुख्यालय से लगभग 250 किलोमीटर दूर स्थित सिरोंचा तालुका बेहद दुर्गम, ऐतिहासिक और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस तालुका के पूर्व में छत्तीसगढ़ और दक्षिण में तेलंगाना राज्य स्थित है। सिरोंचा तालुका में महावितरण के घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक, कृषि एवं अन्य श्रेणियों के कुल 13 हजार 928 बिजली उपभोक्ता हैं।

सिरोंचा स्थित महापारेषण के 66/33 केवी उपकेंद्र से महावितरण के 33/11 केवी के पांच उपकेंद्रों को और इन उपकेंद्रों के माध्यम से पूरे तालुका में लगभग 22 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाती है।हालांकि, महापारेषण के सिरोंचा स्थित 66/33 केवी उपकेंद्र को आलापल्ली के 132/66 केवी उपकेंद्र से लगभग 93 किलोमीटर लंबी 66 केवी बिजली लाइन के माध्यम से बिजली आपूर्ति की जाती है। जिमलगट्टा क्षेत्र के घने जंगलों, नदियों और नालों के कारण बारिश के मौसम में संपर्क टूट जाता है। ऐसे में बिजली लाइन में खराबी आने पर उसका पता लगाना और उसकी मरम्मत करना बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इस क्षेत्र में संचार का कोई नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं है।

इसी कारण सुचारु बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सिरोंचा से लगभग 32 किलोमीटर दूर तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले के किस्तमपेठ से सिरोंचा तक 113 टावर स्थापित कर 132 केवी अतिउच्चदाब बिजली लाइन का निर्माण महापारेषण कंपनी द्वारा शुरू किया गया है। इस कार्य को आगामी जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।इसके साथ ही सिरोंचा स्थित महापारेषण के 66/33 केवी उपकेंद्र की क्षमता को बढ़ाकर 132/66/33 केवी करने का कार्य भी पूरा हो चुका है। रविवार (13 सितंबर) को संचालक (संचालन) श्री धनंजय औंढेकर ने इन कार्यों का निरीक्षण कर समीक्षा की।

इसके अलावा महावितरण के विभिन्न उपकेंद्रों में आवश्यक नवीनीकरण के कार्य भी शुरू किए गए हैं। इनमें सिरोंचा का 33/11 केवी नया उपकेंद्र भी शुरू हो चुका है। इस उपकेंद्र में 5 एमवीए क्षमता वाले दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। संचालक श्री औंढेकर ने वहां 5 एमवीए क्षमता का एक और पावर ट्रांसफॉर्मर लगाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर चंद्रपुर परिमंडल के मुख्य अभियंता श्री हरिश गजबे, गडचिरोली के अधीक्षक अभियंता श्री प्रकाश खांडेकर, महापारेषण के श्री अमलेश लोणारे, आलापल्ली विभाग के कार्यकारी अभियंता श्री जितेंद्र वाघमारे, महापारेषण के श्री विलास रंगारी, उपकार्यकारी अभियंता श्री भारत बालपांडे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।सिरोंचा तालुका को अब आलापल्ली और किस्तमपेठ (तेलंगाना) दोनों स्थानों से बिजली आपूर्ति की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे तालुका के 140 दुर्गम एवं अतिदुर्गम गांवों के लगभग 75 हजार नागरिकों को अधिक गुणवत्तापूर्ण और सुचारु बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।

किस्तमपेठ (तेलंगाना) से सिरोंचा तालुका के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था शुरू होने के बाद वर्तमान सिरोंचा-आलापल्ली 66 केवी बिजली लाइन की क्षमता बढ़ाकर उसे 132 केवी करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।