एनर्जी लीडरशिप परिषद में अपर मुख्य सचिव श्री लोकेश चंद्र को मिला‘एनर्जी लीडरशिप अवॉर्ड’

गोंदिया, दिनांक 11 सितंबर 2026: ऊर्जा परिवर्तन के प्रभावी क्रियान्वयन, सौर ऊर्जा के माध्यम से कृषि क्षेत्र को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, निवेश एवं रोजगार के अवसर, डिजिटल तकनीक का उपयोग, वित्तीय अनुशासन आदि के माध्यम से महावितरण ने देश के बिजली क्षेत्र में एक नया आदर्श स्थापित किया है। इस उल्लेखनीय कार्य के नेतृत्व के लिए मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एवं महावितरण के अध्यक्ष तथा प्रबंध निदेशक श्री लोकेश चंद्र को ‘एनर्जी लीडरशिप अवॉर्ड’ से तथा बिजली की मांग का सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की प्रभावी तकनीक के उपयोग हेतु महावितरण को ‘अडॉप्टिंग एआई इन एनर्जी अवॉर्ड’ से गुरुवार (दिनांक 10) को सम्मानित किया गया।

भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की दिशा पर विचार-विमर्श के लिए नई दिल्ली में ‘6वें ईटी एनर्जी लीडरशिप समिट 2026’ का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय सम्मेलन में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर केंद्र एवं विभिन्न राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, बिजली क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रमुख, निवेशक तथा प्रौद्योगिकी प्रदाता आदि उपस्थित थे। इस दौरान श्री लोकेश चंद्र ने मुख्य वक्ता के रूप में महाराष्ट्र में सौर ऊर्जा के माध्यम से बदलती ग्रामीण अर्थव्यवस्था, निवेश, रोजगार, कृषि के लिए दिन में बिजली तथा अन्य सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी।

इस सम्मेलन में सेवानिवृत्त केंद्रीय ऊर्जा सचिव श्री अनिल राजदान के हाथों अपर मुख्य सचिव श्री लोकेश चंद्र को पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं महावितरण की ओर से यह पुरस्कार श्री लोकेश चंद्र के साथ कार्यकारी निदेशक श्री भुजंग खंदारे, मुख्य अभियंता श्री संतोष सांगळे तथा मुख्य महाव्यवस्थापक (मानव संसाधन) श्री भूषण कुलकर्णी ने स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीमती मेघना साकोरे-बोर्डीकर तथा अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) आभा शुक्ला ने अपर मुख्य सचिव श्री लोकेश चंद्र के साथ-साथ महावितरण के सभी अभियंताओं, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का अभिनंदन किया है।

मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में महावितरण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री लोकेश चंद्र ने महावितरण का स्वरूप बदल दिया है। ऊर्जा परिवर्तन के कारण महावितरण की बिजली दरों में पहली बार कमी की गई है और आने वाले वर्षों में इनमें और कमी होने की संभावना है। दुनिया की सबसे बड़ी 16,000 मेगावाट विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल मुख्यमंत्री सौर कृषिवाहिनी योजना 2.0 के माध्यम से अब तक 6,250 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और 17 लाख 52 हजार से अधिक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध हुई है।

इसके साथ ही पीएम कुसुम-बी योजना के तहत देश में अब तक 17 लाख 42 हजार सौर कृषि पंप कार्यान्वित किए गए हैं। इनमें अकेले महाराष्ट्र में 65 प्रतिशत यानी 11 लाख 54 हजार सौर कृषि पंप कार्यान्वित किए गए हैं। पीएम सूर्यघर योजना के लिए महावितरण को केंद्र सरकार से हाल ही में आठ पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य में अब तक 7 लाख 77 हजार 516 घरों पर 2,947 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएं कार्यान्वित हो चुकी हैं।

महावितरण ने बिजली की मांग का सटीक पूर्वानुमान लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग तकनीक का प्रभावी उपयोग शुरू किया है। इसके लिए विकसित किए गए ‘एआई/एमएल-ड्रिवन डिमांड फोरकास्टिंग इंजन’ नामक तकनीक के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए महावितरण को ‘अडॉप्टिंग एआई इन एनर्जी अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। महावितरण ने 12 सितंबर 2024 से एआई आधारित इस स्वचालित तकनीक को पूरी क्षमता के साथ कार्यान्वित किया है। इस तकनीक के कारण बिजली खरीद लागत, मांग-आपूर्ति के अंतर, ग्रिड स्थिरता तथा प्रत्यक्ष वित्तीय नियोजन आदि क्षेत्रों में बड़ी सफलता मिली है और अब तक बिजली खरीद में लगभग 1,200 करोड़ रुपये की बचत हुई है।