एक्सप्रेस ट्रेनो के स्टापॅपेज और लोकल ट्रेनो की टायमिंग पर रेल चलाने की मांग,को लेकर लामता बंद

फोटो साभार  -सीटी लाईव ,बालागाट
लामता -रेल सुविधाओं की मांग को लेकर लामता बंद-चक्काजाम, प्रदर्शनकारी एक्सप्रेस ट्रेनो के स्टापॅपेज और लोकल ट्रेनो की टायमिंग पर रेल चलाने की मांग, सांसद के विरोध में लगे नारे बालाघाट। लामता रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग को लेकर रविवार को संपूर्ण लामता बंद रहा। लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर आखिरकार क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतर आई। नगर के बाजारों से लेकर प्रमुख मार्गों में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया और बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं, महिलाओं एवं स्कूली विद्यार्थियों ने रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की।  प्रदर्शनकारियों ने रेलवे से लामता स्टेशन पर प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग करते हुए कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस निर्णय और रेल स्टॉपेज चाहिए।  आंदोलन में सबसे प्रमुख मांग जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस को लामता रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने की रही। इसके साथ ही जबलपुर से चांदा फोर्ट की ओर जाने वाली ट्रेन का भी लामता में स्टॉपेज देने की मांग जोर-शोर से उठाई गई।  क्षेत्रवासियों का कहना है कि लामता और आसपास के दर्जनों गांवों के यात्रियों को वर्तमान में रेल सुविधा के लिए दूसरे स्टेशनों का रुख करना पड़ता है। इससे यात्रियों का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। ऐसे में लामता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव अत्यंत आवश्यक है।  धरना स्थल पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने रेलवे सुविधाओं की कमी और लंबे समय से लंबित स्टॉपेज की मांग को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान सांसद भारती पारधी के विरोध में भी जमकर नारे लगाए गए।  प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र की जनता लगातार रेल सुविधा की मांग कर रही है। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों से लामता की रेल समस्या को गंभीरता से उठाने और शीघ्र समाधान कराने की मांग की।  आंदोलन में क्षेत्रीय जनता के साथ बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और स्कूली विद्यार्थी शामिल हुए। हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां और नारों के साथ लोगों ने रैली निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।
             बंद और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि लामता की रेल सुविधा की मांग अब केवल कुछ लोगों की मांग नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की सामूहिक आवाज बन चुकी है। जिसमें प्रमुख रूप से जबलपुर-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस, जबलपुर-चांदा फोर्ट ट्रेन का लामता में स्टॉपेज, लामता रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के अनुरूप रेल सेवाओं का विस्तार और क्षेत्र की वर्षों पुरानी रेल समस्याओं का शीघ्र निराकरण किए जाने की मांग रखी गई। लामता की जनता का कहना है कि हमारी मांगे जायज है, क्षेत्र का अधिकार है और अब इस आवाज को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए। 
         आपको बताते चले कि करीब 20 दिन पहले क्षेत्रीय व्यापारियों, पंचायत प्रतिनिधियो ने ने तहसीलदार मयंक मिश्रा और स्टेशन प्रबंधक को ज्ञापन सौंपा था। जिसमें उन्होंने एक्सप्रेस ट्रेनो के स्टॉपेज और समय पर लोकल ट्रेनो को चलाने की मांग की थी लेकिन मांगे पूरी नहीं होने पर रविवार 6 सितंबर को लामता क्षेत्र में क्षेत्रीय लोगों ने लामता बंद कर रेलसुविधाओ की मांग को लेकर बस स्टैंड में चक्काजाम कर दिया। जिससे बालाघाट से नैनपुर मार्ग पर लोगो की आवाजाही पर इसका असर पड़ा है।  एक साल में मांगे वही आंदोलन दूसरा साल 2025 की 30 जुलाई को भी इन्हीं मांगो को लेकर लामता बंद आंदोलन किया गया था, लेकिन साल बीत जाने के बाद भी अब तक मांगे पूरी नहीं हो सकी है। जिससे क्षेत्र सहित इससे जुड़े ग्रामीणों को भारी परेशानियां हो रही है। दरअसल, बैहर, मलाजखंड से लेकर इस क्षेत्र के पूरे लोगो के साथ ही क्षेत्रीय व्यापारी के लिए लामता महत्वपूर्ण स्टेशन है, लामता से ही लोग रेलयात्रा करते है, ट्रेनो को स्टॉपेज नहीं होने और समय पर पैसेंजर ट्रेन नहीं चलने के कारण, लोगो को बसों से आवागमन कर आर्थिक भार उठाना पड़ रहा है।
          क्षेत्रीय जनता की डिमांड है कि ट्रेन की टायमिंग सही की जाए और एक्सप्रेस टेªनो का स्टॉपेज लामता में किया जाए, ताकि लामता और इसके आसपास के दर्जनों थाना क्षेत्र के लोगों के आवागमन का सस्ता और सुलभ साधन मिल सके। चूंकि यहां से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनो का स्टॉपेज नहीं होने और पैंसेजर ट्रेनो का समय बे-समय चलने के कारण, क्षेत्र के लोगों को रेलसुविधाओं का वह लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो, उन्हें मिलना चाहिए।