70 दिनों से जारी ROB की मांग को लेकर बेमियादी धरना आंदोलन स्थगित

गोंदिया  19 सितंबर :  अंडरपास के बजाय रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की जनहितकारी मांग को लेकर नागरिक अधिकार एवं सुरक्षा समिति द्वारा 10 जुलाई से शुरू किया गया बेमियादी धरना आंदोलन 70 दिनों के पश्चात क्षेत्र के नागरिकों की बड़ी उपस्थिति में फिलहाल स्थगित कर दिया गया। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि रेलवे प्रशासन द्वारा इस न्यायोचित मांग की लगातार उपेक्षा की जाती रही, तो आगामी समय में और अधिक व्यापक एवं तीव्र जनआंदोलन छेड़ा जाएगा। साथ ही क्षेत्रवासियों से इस जनहित के संघर्ष के लिए सदैव तैयार रहने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर समिति ने पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद मा. प्रफुलभाई पटेल तथा सांसद मा. राजेंद्र जैन तथा माननीय विधायक विनोद अग्रवाल जी द्वारा रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण हेतु प्रशासनिक स्तर पर किए जा रहे प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। 

कार्यक्रम का शुभारंभ तथागत भगवान बुद्ध एवं भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया। इसके पश्चात प्रमुख वक्ता के रूप में सतीश बंसोड सर एवं अमित भालेराव ने उपस्थित आंदोलनकारियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए आंदोलन की पृष्ठभूमि, उद्देश्य तथा आगामी रणनीति पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र बाबा खोब्रागडे ने किया, जबकि दिनेश गेडाम सर ने उपस्थित नागरिकों, आंदोलनकारियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

समिति ने बताया कि इस जनआंदोलन को सफल बनाने में अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके अथक प्रयासों, जनजागरण और निरंतर सहभागिता के कारण यह आंदोलन 70 दिनों तक प्रभावी रूप से संचालित हो सका। समिति ने सभी सहयोगियों एवं क्षेत्रवासियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी जनहित के मुद्दों पर एकजुट रहने का आह्वान किया।

इस आंदोलन को कामयाब बनाने में अमित भालेराव, सतीश बंसोड सर, जयंत कुंभलवार, राजेश बंसोड,कॉ.सुरेश रंगारी, सुरेन्द्र बाबा खोब्रागडे , रुपदास मेश्राम, एड. रंगारी, दुलीचंद मेश्राम, वामन मेश्राम, चरण घोड़ेस्वार, राजू राहूलकर, तुलाराम वैद्य, आनंद शहारे, संजय तिरपुड़े, दिनेश गेड़ाम,कॉ. मिलिंद गणवीर, प्रफुल लांजेवार, विजय कांबले, सुधाकर वाहने, विवेकानंद मेश्राम, ईश्वर राऊत, किशोर गजभिये, संजय मेश्राम, नामदेव मेश्राम, राजेंद्र बंसोड, दिलीप बंसोड, अमित मेश्राम, अनिल मेश्राम, अनिल रंगारी, सुरेन्द्र महाजन, दिपक बंसोड, दिलीप वासनिक, विनोद वासनिक, चंद्रकला गजभिये, वंदा बंसोड, संध्या रामटेके विमल तागड़े, नूतन बॉम्बेर्डे, लांजेवार सर, बेबी ताई, दिपक मेश्राम, रामकुमार हुमने, कमल बोंबर्डे , आंनद खापर्डे , जनार्दन खांडेकर, छगन चौरे, संजय चौरे, निशांत भालेराव, इरशाद कुरैशी, अंकुश मेश्राम, विलास राऊत, महेन्द्र चौरे, नरेन्द्र गणवीर, पवन नागदेवे, गौतम कावले, मधुभाऊ बंसोड, शैलेश वाघमारे. मेश्राम, मिलिंद लांजेवार, , सुनील मेश्राम, जितेंद्र सतीसेवक, शैलेश टेम्भेकर, देवाराम मेश्राम, तुकाराम भालाधरे, भीमराव भावे, प्रकाश डोंगरे, गणेश बर्वे, जगदीश बानवथड़े, बिरोले, बारसागडे, निखिल भावे, सुप्रिया नागदेवे, वैशाली चंद्रिकापुरे, प्रदीप मेश्राम, सुनील चव्हाण, जगदीश डोंगरे आदी ने भरसक प्रयास किए।