जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि - सविता विनोद अग्रवाल
गोंदिया 22 सितंबर - भिन्न भाषी साहित्य मंडल एवं रोकड़े ज्वैलर्स के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित भिन्न भाषी साहित्य मंडल की मासिक कवि गोष्ठी 21 ता की शाम रोकड़े ज्वैलर्स के सांस्कृतिक कक्ष में विविध रसों की फुहार के साथ सम्पन्न हु। इस अवसर पर सविता विनोद अग्रवाल ने कवि गोष्ठी में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि यह कह कर अपने विचार व्यक्त किये। साथ ही यह कहा कि कोई भी कलमकार अपने मन की भावनाओं को कलम के माध्यम से साकार कर समाज को एक नई दिशा प्रदान करता है।
मंच पर कार्यक्रम अध्यक्षा सविता विनोद अग्रवाल,विशेष अतिथि डॉ प्रदीप गुजर (बाल रोग विशेषज्ञ), ईलेश मेहता (पूर्व H O D,(I.T)M IET कॉलेज),भावना कदम समाज सेविका,मैथिली पुरोहित समाज सेविका,मिलिंद बोरकर,(अडानी) उमेश दुबे,स्वाति दुबे,(अडानी), युधिष्ठिर शुक्ला ( रोकड़े ज्वैलर्स ब्रांच मैनेजर) व वरिष्ठ कवि श्री रमेश शर्मा उपस्थित थे। अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के तैलचित्र का विधिवत् पूजन व दीप प्रज्ज्वलित किया गया। अतिथि स्वागतोपरान्त कवयित्री किंजल मेहता ने गणेश वंदना, शालू कृपाले की शारदा वंदना से कवि गोष्ठी का शुभारंभ हुआ। वरिष्ठ कवि श्री प्रकाश मिश्रा,किंजल मेहता का जन्म दिन भी इस प्रसंग पर मनाया गया। तथा अतिथियों, संस्था पदाधिकारियों एवं कवि मित्रों द्वारा पुष्पगुच्छ प्रदान कर उनका अभिनन्दन कर स्वस्थ, दीर्घायु जीवन की उन्हें सभी ने शुभकामनाएँ प्रदान की।
इस अवसर पर एक प्रसंग उल्लेखनीय रहा जब कार्यक्रम की अध्यक्ष सविता विनोद अग्रवाल ने जब देखा कि सालेकसा कालेज के दिनों में उन्हें हिंदी विषय पढ़ाने वाली प्राध्यापिका ड़ा. उमा मोहन पवार उपस्थित दर्शको के बीच बैठी है तो वे अपनी पुरानी यादों की स्मृति को ताजा करते हुए मंच से उतर कर अपनी प्रिय व आदरणीय प्राध्यापिका को मान देने, उनके चरण स्पर्श कर अपनी सांस्कृतिक विरासत का परिचय दिया।
कार्यक्रम के दौरान कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाओं की प्रस्तुति कर गीत,ग़ज़ल, हास्य एवं सामयिक संदर्भों पर कटाक्ष के साथ बरसात, देश भक्ति के संदर्भ में बेहतरीन रचनाएँ सुनाईं। कवि गोष्ठी में सभी कलमकारों ने अपनी श्रेष्ठतम रचनाओं का पाठ किया। अतिथियों ने भी अपनी प्रस्तुति दी। कवि गोष्ठी में काव्यपाठ करने वाले सर्व श्री मिलिंद बोरकर अडानी, उमेश दुबे अदानी,स्वाति दुबे,सुहास वाकोड़कर अडानी,चन्द्रेश माधवानी, विजयकुमार मेश्राम,वीणा खण्डेलवाल तुमसर, राजेश चौरसिया ( ज्योतिषाचार्य),प्रकाश मिश्रा,कंवरभान अरोरा, छगन पंचे,कीर्ति अग्रवाल, संतोषसिंह नैकाने,सुरेंद्र जगने,संजय बिसेन,चंद्रप्रकाश बनकर, शालू कृपाले,रोहित बिसेन,मनोज बोरकर, चिरंजीव बिसेन,शशिकांत कन्हाई,नरेश गुप्ता,सुषमा यदुवंशी, किंजल मेहता, निखिलेश सिंह यादव एवंम रमेश शर्मा सहभागी हुए। अतिथियों ने भी अपनी सहभागिता दी। जिनकी रचनाओं ने कार्यक्रम को उंचाई प्रदान की।
बखूबी कविताओं पर समीक्षात्मक टिप्पणी के साथ बेहतरीन संचालन किया श्री रमेश शर्मा ने प्रास्ताविक संचालन किंजल मेहता,आभार श्री मनोज जोशी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने संस्था के सह सचिव कवि निखिलेशसिंह यादव,शालू कृपाले,चंद्रप्रकाश बनकर,राजेश चौरसिया (ज्योतिषाचार्य,कार्यक्रम आयोजक,रोकड़े ज्वैलर्स) पिहू,प्रियंका समस्त रोकड़े ज्वैलर्स की टीम ने अथक प्रयास किए।
इस अवसर पर राम पुरोहित,दुलीचंद बुद्धे ( सचिव वरिष्ठ नागरिक),लखनसिंह कटरे (वरिष्ठ नागरिक समिति),दीपक कदम,रोमेंद्र बोरकर,डॉ.उमा पवार, चौहान,असीम आमगांवी,सहित अन्य काव्य प्रेमी उपस्थित थे।
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