श्री झूलेलाल चालीसा का विधीवत् समापन

गोंदिया में सिंधी स्कूल के मोड़ पर वने भगवान श्री झूलेलाल के मंदीर में आज चालीसा का विधीवत् समापन हो गया,  इस चालिसा का आयोजन चांदवानी  परिवार  (जय दुर्गा इलेक्ट्रीक) के द्वारा किया गया ।भगवान झूलेलाल की महिमा, उनके दिव्य अवतार, धार्मिक सहिष्णुता और मानवता के संदेश का सुंदर वर्णन करती है। सिंधी समाज में भगवान झूलेलाल को जलदेव, वरुणदेव के अवतार तथा आस्था के प्रतीक के रूप में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है। यह चालीसा केवल स्तुति नहीं, बल्कि सत्य, समानता और धर्म की रक्षा का प्रेरणादायक संदेश भी देती है।
बताया गया कि इस चालिसा का पाठ 16 जुलाई 2026 से लगातार 40 दिनो तक चांदवानी  परिवार के प्रमुख ईश्वरदास चांदवानी ,आशादेवी चांदवानी व उनके पोते सचिन सोनल सतीश चांदवानी के द्वारा किया जाता रहा है।
मंदीर की प्राणप्रतिष्ठा 28 मार्च 1971 को  झूलेलाल जंयति को हुई थी तभी से चांदवानी  परिवार इस मंदीर की सेवा करता आया है. इस चालीसा केे पूर्व परिवार ने मंदीर के रखरखाव को व्यवस्थित करने की पूरजोर कोशिश की ,अब इस मंदीर को नया रुप मिल गया है .जिससे सारे भक्त प्रसन्न मुद्रा में नजर आए।
चालीस दिनो तक पूजा के पश्चात आज दि.25 अगस्त को पूर्णाहूति की प3क्रिया सम्पन्न हुई। इस अवसर पर भक्तों के अलावा मंदिर के पास से आने-जाने वाले लोगों ने भी प्रसाद का लाभ लिया।