आसान शिकार के चक्कर में पिंजरे में फंसा तेंदुआ


गोंदिया- बोडुंदा ग्राम के आस-पास परिसर में पिछले कई दिनों से तेंदुए का आंतक था। इस तेंदुए को पकड़ने  एनएनटीआर तथा आरआरटी की टीम ने क्षेत्र में दो पिंजरे लगाए , एक पिंजरे में बकरी और दूसरे पिंजरे में मुर्गियां रखी तथा ट्रेप कैमरे लगाकर नजर बनाकर रखी थी।आलसी तेदुआ बकरी के शिकार को छोड़कर आसान शिकार की लालच में मुर्गी के पिंजरे में घुसा और वहां बंद हो गया। शुक्रवार 28 अगस्त को चलाए गए इस आपरेशन में तेंदुएँ को पिंजरे में कैद देख क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है।
    पिछले कुछ दिनों से तेंदुआ ग्राम परिसर में घुसकर बकरी तथा मुर्गियों को अपना निवाला बनाता था। इतना ही नहीं तो क्षेत्र में तेंदुए का विचरण होने से ग्रामीणों में दहशत निर्माण हो गई थी। अंधेरा होते ही ग्रामीण अपने घरो से बाहर निकलने में डरते थे। जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने एनएनटीआर विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग की थी। जिसे गंभीरता से लेते हुए एनएनटीआर के आरएफओ आयशा लांबट, क्षेत्र सहायक एल.एस.अग्निहोत्री, वन रक्षक रंजीत पटले, पी.एस.बिसेन, हंगामी मजदूर किशोर काले, उदय राउत तथा आरआरटी की टीम ने संयुक्त रेस्क्यु ऑपरेशन शुरू कर क्षेत्र में अलग-अलग दो स्थानों पर पिंजरे तथा ट्रेप कैमरे लगाकर निगरानी करने में जुट गए। शुक्रवार की मध्यरात्री के दौरान तेंदुआ बकरी के पिंजरे के समीप आकर चला गया और उसके बाद फिर से इसी क्षेत्र में आकर मुर्गी वाले पिंजरे में शिकार करने के लिए घुस गया लेकिन वह वहां फँसइस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए ग्राम के महेश मारगाये, अनिल पटले, हितेश बिसेन तथा ग्रामीणों ने सहयोग किया।