प्रताप बाग से गुदमा रेल लाइन: जमीन अधिग्रहण को लेकर गुस्साए किसान 

5 गुना मुआवजा और शासकीय नौकरी के साथ-साथ शेष बची भूमि का अधिग्रहण भी करने की माँग


गोंदिया- गुदमा-प्रताप बाग नई रेलवे लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों और प्लॉट, मकान एवं दुकान मालिकों में गुस्सा फूट पड़ा है।आरोप है कि जिस भूमि का बाजार मूल्य करोड़ों में है,उसे सरकार कौड़ियों के भाव खरीदना चाहती है।
इस रवैये के खिलाफ रविवार (23 अगस्त) को कटंगी कला ग्राम पंचायत सभागृह में भुक्कीतभोंगियों की एक आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में कम दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर ग्रामीणों ने जमकर आक्रोश जताया। सर्वसम्मति से फैसला हुआ कि प्रस्तावित दरों पर जमीन बिल्कुल नहीं दी जाएगी,भूमि चाहिए तो हमारी शर्तों को मानना होगा।

किसानों की प्रमुख मांगों में अधिग्रहित की जा रही प्रापर्टी के मालिको के पाल्यो को सरकारी नौकरी ,संपत्ति का मूल्यांकनकम से कम 5 गुना अधिक किया जाए साथ ही अधिग्रहित की गई जमीन का बाकी हिस्सा किसी काम का नहीं होने पर, उस पूरी भूमि का मुआवजा भी प्रदान किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल सोमवार, 24 अगस्त को गोंदिया उपविभागीय अधिकारी (SDO) को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेगा। किसानों ने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि 30 अगस्त तक शासन-प्रशासन ने उनकी मांगे स्वीकार नहीं कीं, तो 31 अगस्त 2026 को दोपहर 12 बजे कटंगी नाके (बालाघाट रोड) पर अनिश्चितकालीन ‘रास्ता रोको’ आंदोलन किया जाएगा।बैठक में प्रमुख रूप से अखिलेश सेठ, नंदू भाऊ बिसेन, कार्तिक चौहान, सूरज बावनकर, ईश्वर उपवंशी, मानिकचंद भगत, सुरेश तिवड़े, कृष्णा बान्ते, रुपेश लिल्हारे, इमलाबाई लिल्हारे, हेमंत कुमार हनवते, राजू चन्नेकर, रविंद्र कुमार चिकलोंडे सहित कटंगी कला, नागरा, हल्बी टोला और सावरी के सैकड़ों प्रभावित भू-धारक उपस्थित थे।