जल संरक्षण को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित

गोंदिया - महाराष्ट्र सरकार के मृद व जल संधारण विभाग की ओर से 15 से 21 अगस्त तक चलाए जा रहे जल संधारण सप्ताह अभियान के अंतर्गत आज 20 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री सुधारकराव नाईक जयंती निमित्त गोंदिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चुलोद में जल संरक्षण को लेकर जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक विनोद अग्रवाल ने गांव के तालाब में जलपूजन कर वृक्षारोपण किया तथा ग्रामीणों को जल संवर्धन, अधिकाधिक वृक्षारोपण और गांव को स्वच्छ, हरित एवं सुजलाम-सुफलाम बनाने की शपथ दिलाई। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक विनोद अग्रवाल ने कहा कि भारत प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश है, लेकिन आधुनिकता की दौड़ में जल, जंगल और जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों के साथ लगातार खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने गांवों में सिंचाई और जलापूर्ति के लिए तालाबों का निर्माण किया था, लेकिन आज हमारी लापरवाही के कारण अनेक जलस्रोत अस्तित्व खोने की कगार पर हैं। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि खेती के तौर-तरीकों में भी बदलाव की आवश्यकता है। प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जगह रासायनिक खादों के बढ़ते इस्तेमाल से जमीन की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने ग्रामीणों से जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा फसल पद्धति में बदलाव करते हुए धान के साथ-साथ नकदी फसलों पर भी ध्यान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंचायत समिति सभापति मुनेश रहांगडाले, जिला परिषद सदस्य ममताताई वाढवे, पंचायत समिति सदस्य कनीराम तावाड़े, ग्राम चुलोद की सरपंच मायाबाई बोरकर, एपीएमसी संचालक राधाकृष्ण ठाकुर, गोविंदभाऊ ठाकुर, मृद व जल संधारण विभाग के उपअभियंता राहुलकर, तलाठी लँजे मैडम, विजय ठाकुर, पुलिस पाटील कविता भालाधरे, संजय बिसेन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। ‘तालाब की गाद खेतों के लिए वरदान’ विधायक अग्रवाल ने चुलुद के तालाब का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे समय से उपेक्षित यह तालाब लगभग दम तोड़ चुका था, लेकिन खोलीकरण और जलसंधारण कार्य के बाद इसमें फिर से जीवन लौट आया है। उन्होंने कहा कि तालाबों से निकलने वाली गाद को बेकार न समझकर खेतों में उपयोग किया जाना चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और फसल उत्पादन में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि आज जल का संवर्धन और संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में एक लीटर पानी के लिए 100 रुपए तक चुकाने की नौबत आ सकती है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को जल बचाने, जलस्रोतों का संरक्षण करने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का संकल्प लेना होगा। कार्यक्रम के दौरान विधायक विनोद अग्रवाल ने उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वच्छता और गांव को हराभरा एवं जलसमृद्ध बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई।
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