हत्या का प्रयास में लिप्त आरोपी को 10 साल का सश्रम कारावास

गोंदिया. जिला व सत्र न्यायाधीश आर. जी. वाघमारे ने शनिवार 29 अगस्त को पुराने विवाद  में युवक की हत्या के इरादे से उसके सिर पर लोहे की पट्टी से जानलेवा हमला करने वाले नवेगांवबांध निवासी आरोपी नरेंद्र कुंभरीया तांडेकर (40) को  दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर कुल 25 हजार रु. का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि में से 20 हजार रु. घायल उमेश आगाशे को मुआवजे के रूप में देने के आदेश दिए हैं।
      घटना 29 जून 2016 की है. गोंदिया के जोगलेकर वार्ड निवासी शिकायतकर्ता हेमकृष्ण छगन सूरज जोशी मिस्त्री है। घटना के दिन वह अपने साथ काम करने वाले और मालिक के बेटे उमेश माधवराव आगाशे (22) के साथ मोटरसाइकिल से नवेगांवबांध स्थित टी-पॉइंट के पास नाश्ते की दुकान पर गया था. इसी दौरान आरोपी नरेंद्र तांडेकर ने पुराने घरेलू विवाद को लेकर उमेश आगाशे से बहस शुरू कर दी। बढ़ते विवाद के वीच आरोपी ने हत्या के इरादे से विकास भोयर के पानठेले के पास रखी लोहे की पट्टी उठा ली और उमेश के सिर पर तीन-चार बार वार कर दिया।. हमले में उमेश गंभीर रूप से घायल हो गया. मौके पर मौजूद नागरिकों ने उसे तत्काल नवेगांवबांध ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया. घटना के बाद शिकायतकर्ता हेमकृष्ण सूरजजोशी ने नवेगांवबांध पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. तत्कालीन जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक आर. डी. कुनघाटकर ने मामले की गहन जांच कर आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया।
     मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सरकारी वकील एम. एस. चंदवानी ने कुल 19 गवाहों की गवाही दर्ज कराई. साथ ही विभिन्न दस्तावेज और महत्वपूर्ण साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए. सरकारी पक्ष के साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया. धारा 307 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रु. जुर्माना. जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास. धारा 504 के तहत 1 वर्ष सश्रम कारावास और 5 हजार रु. जुर्माना व जुर्माना नहीं भरने पर 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनवाई. साथ ही जुर्माने की राशि में से 20 हजार रु. घायल उमेश आगाशे को देने के आदेश न्यायालय ने दिए हैं.