गोंदिया कृषि विभाग का शानदार प्रदर्शन
गोंदिया, 21 तारीख: साल 2025-26 के दौरान, गोंदिया कृषि विभाग ने कई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करके शानदार नतीजे हासिल किए और जिले के हजारों किसानों को बड़ी राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा राहत, फसल बीमा, मशीनीकरण, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और अन्य कृषि योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये की राशि बांटी गई।प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को कुल मिलाकर लगभग ₹98.94 करोड़ की आर्थिक सहायता दी गई। इसके अलावा, फसल बीमा योजना के तहत ₹38.50 करोड़ के बीमा दावों को मंज़ूरी दी गई। PM किसान और नमो शेतकारी योजनाओं के तहत, साल भर में 2,31,644 किसानों के बैंक खातों में सीधे ₹215.98 करोड़ जमा किए गए, जिससे उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली। मशीनीकरण योजना के तहत, 2,552 लाभार्थियों को ₹30.34 करोड़ की राशि दी गई, जिससे खेती के आधुनिक तरीकों को बढ़ावा मिला। जिले ने खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी तरक्की की है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योग योजना के तहत 196 लाभार्थियों को कुल ₹2.38 करोड़ की सब्सिडी दी गई, जबकि मुख्यमंत्री कृषि और खाद्य प्रसंस्करण योजना के तहत 32 लाभार्थियों को ₹26.27 करोड़ की सब्सिडी मिली। रबी फसल के रकबे को बढ़ाने के अभियान में मक्का के लिए 3,758.80 हेक्टेयर और सरसों के लिए 67.60 हेक्टेयर ज़मीन दर्ज की गई। साथ ही, 31% किसानों द्वारा 'महाविस्तार' ऐप का इस्तेमाल करने से डिजिटल खेती की ओर बढ़ता रुझान साफ दिखता है। मक्का की खेती के लिए 5,600 हेक्टेयर का सालाना लक्ष्य रखा गया है, जिसका मकसद अगले तीन सालों में इस रकबे को बढ़ाकर 16,800 हेक्टेयर करना है। इस पहल को सहारा देने के लिए 40 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को 'उपकरण बैंक' उपलब्ध कराने की योजना है। ज़िला प्रशासन और कृषि विभाग के बीच तालमेल से मिली यह कामयाबी किसानों की आर्थिक बेहतरी के लिए अहम साबित हो रही है; भविष्य में भी ऐसी ही योजनाओं के ज़रिए कृषि विकास को तेज़ करने का संकल्प लिया गया है।
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