कॅरीयर झोन कोचिंग क्लास जीएसटी विभाग के निशान पर

गोंदिया: 15 जुलाई 2026 -
नागपुर के इनकम टैक्स और GST विभाग के अधिकारियों ने आज 15 ता. को GST नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को चलते और 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) में हेरफेर के साथ नकद आय को छिपाने जैसे मामलेकी छानबीन करने 'करियर ज़ोन' नाम की कोचिंग क्लास पर छापा मारा और कागजातों को कागज़ों की जांच शुरू की है।

            करियर ज़ोन पर लग रहे तथाकथित आरोपों की जाँच के संदर्भ में जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार यह जाँच कमर्शियल कैटेगरी में आने वाली सेवाओं , प्राइवेट ट्यूशन. वोकेशनल ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और ऑनलाइन कोर्स और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म के साथ-साथ JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर लगने वाले 18% GST को लेकर की जा रही है।
        महाराष्ट्र अथॉरिटी ऑफ अडवांस रूलिंग (AAR) ने फैसला सुनाया था  कि कोई भी संस्थान जो बच्चों को शिक्षा दे रहे हों, उन्हें GST में छूट है, लेकिन उसकी परिभाषा स्पष्ट है और इसके दायरे में कोचिंग सेंटर नहीं हैं. शैक्षणिक संस्थानों में प्री-स्कूल एजुकेशन और हायर एजुकेशन से जुड़े संस्थान शामिल हैं.AAR केअनुसार 'इस मामले में आवेदक का कामकाज GST छूट की परिभाषा में नहीं आता.' टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक जिन कोचिंग का सालाना कारोबार 20 लाख रुपये या इससे अधिक है उन्हें GST के लिए रजिस्टर करना जरूरी है. उन्हें फीस पर 18% GST भी चुकाना पड़ेगा।

GST नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद कोचिंग संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन उल्लंघनों में मुख्य रूप से कोचिंग फीस पर 18% GST न चुकाना, 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) में हेरफेर और नकद आय को छिपाना शामिल है। जबकि औपचारिक शिक्षा—जैसे स्कूली शिक्षा या डिग्री देने वाली उच्च शिक्षा—GST से मुक्त है, लेकिन कमर्शियल कैटेगरी में आने वाली सेवाओं—जैसे प्राइवेट ट्यूशन (परीक्षा की तैयारी की सेवाएं), वोकेशनल ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग और ई-लर्निंग (ऑनलाइन कोर्स और डिजिटल शिक्षा प्लेटफॉर्म)—पर 18% टैक्स लगता है। JEE और NEET जैसी प्रोफेशनल और प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग इसी 18% GST के दायरे में आती है।

सरकारी विभाग की ओर से इस कार्रवाई के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।कल तक मामला स्पष्ट होने की संभावना है।