विशेष लोक अदालत में 24 मामलों का सफल समाधान


गोंदिया, 21 जुलाई 2026 : -
18 जुलाई 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), जिला न्यायालय गोंदिया और तालुका विधिक सेवा समितियों के माध्यम से पूरे जिले की तालुका अदालतों में एक विशेष लोक अदालत आयोजित की गई। यह पहल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली) और महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (हाई कोर्ट, मुंबई) के निर्देशों तथा आर.जी. वाघमारे (अध्यक्ष, DLSA और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश) और एन.के. वाल्के (सचिव, DLSA) के मार्गदर्शन में आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी समझौते और समझ-बूझ के माध्यम से नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (NI) एक्ट की धारा 138 के तहत लंबित मामलों और मुकदमेबाजी से पहले के मामलों (pre-litigation matters) का समाधान करना था। कुल 24 मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया गया।
विशेष लोक अदालत का उद्घाटन DLSA के अध्यक्ष और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर.जी. वाघमारे ने न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, वादियों और वकीलों की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर, प्रधान न्यायाधीश आर.जी. वाघमारे ने विशेष लोक अदालत के लाभों और महत्व के बारे में बात की। साथ ही, न्यायाधीश एन.के. वाल्के ने सभी से अधिक से अधिक मामलों का समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। NI एक्ट की धारा 138 से संबंधित इस विशेष लोक अदालत के लिए सूचीबद्ध 915 लंबित मामलों में से 24 मामलों का निपटारा समझौते के माध्यम से किया गया, जिससे ₹46,44,497 (छियालीस लाख चवालीस हजार चार सौ सत्तानवे रुपये) की वसूली हुई। इस समाधान से वादियों और इसमें शामिल अन्य लोगों को मानसिक तनाव और वित्तीय बोझ से राहत मिली, जिससे कई वादियों को संतुष्टि मिली। इस लोक अदालत की एक उल्लेखनीय विशेषता बैंक वसूली के उन लंबित मामलों का स्थायी रूप से बंद होना था, जिनमें शामिल पक्षों ने समझौते के अनुसार संबंधित विभाग के पास पूरी बकाया राशि जमा कर दी थी। इससे विभाग और डिफॉल्टर दोनों ही भविष्य की मुकदमेबाजी की लागत और मानसिक तनाव से बच गए। सेवानिवृत्त न्यायाधीश जी.एस. शेगांवकर और पैनल वकील एडवोकेट... स्मिता दाखने ने समझौते के ज़रिए मामलों को सुलझाने में मदद की। कोर्ट के कर्मचारियों ने इस लोक अदालत के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किए।