इंदौर पुलिस की लापरवाही:  लैब जांच में करोड़ों का ड्रग् , निकला यूरिया;  आरोपी बरी

इंदौर पुलिस की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। जिस पदार्थ को करोड़ों रुपए का ड्रग्स बता कर जप्कत किया वह यूरिया निकला। पुलिस ने अपने ही एक कर्म चारी के साथ तीन लोगों को जेल भेजा। सच्चाई सामने आने पर कोर्ट ने  सभीआरोपियों को बरी कर दिया है। जेल से छूटने के बाद बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो बड़े पुलिस अफसरों सहित 19 पुलिसवालों पर झूठे केस में फंसाने का संगीन आरोप लगाया है।
इस मामले में पाटीदार और शाहनवाज शेख नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि उनके पास से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स मिली है। पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने लखन गुप्ता नाम के एक पुलिसकर्मी का नाम लिया। इसके बाद पुलिस ने  सिपाही लखन गुप्ता को भी गिरफ्तार किया और लखन गुप्ता को नौकरी से भी निकाल दिया।

मामले की जांच के दौरान जब जब्त किए गए पाउडर के सैंपल भोपाल की फॉरेंसिक साइंस लैब भेजे गए, तो वहां की रिपोर्ट ने पुलिस के होश उड़ा दिए। रिपोर्ट में साफ लिखा था कि पकड़ा गया पदार्थ कोई नशीली दवा नहीं बल्कि साधारण यूरिया है। इसके बाद इंदौर पुलिस ने तसल्ली के लिए दोबारा सैंपल हैदराबाद की केंद्रीय लैब भेजे। वहां से आई रिपोर्ट में भी यह बात पक्की हो गई कि वह यूरिया ही था। दोनों सरकारी रिपोर्टों को आधार मानते हुए कोर्ट ने लखन गुप्ता समेत तीनों को तुरंत रिहा करने का आदेश दे दिया। जेल से बाहर आने के बाद पूर्व पुलिसकर्मी लखन गुप्ता ने विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दो आईपीएस अधिकारियों और 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लखन का आरोप है कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत इस मामले में घसीटा गया।