कलेक्टर के फ़र्ज़ी लेटरहेड का इस्तेमाल करके ₹4 करोड़ की धोखाधड़ी; मास्टरमाइंड आशीष पिपरे गिरफ़्तार
गढ़चिरौली:- कलेक्टर कार्यालय के नाम और लेटरहेड का गलत इस्तेमाल करके विकास कार्यों के लिए ₹4 करोड़ के प्रशासनिक मंज़ूरी आदेशों में हेराफेरी करने के एक मामले में गढ़चिरौली पुलिस ने रविवार देर रात छत्रपति संभाजीनगर से मुख्य आरोपी चामोर्शी नगर पंरिषद के मनोनीत पार्षद आशीष पिपरे को गिरफ़्तार किया है।
मामले की डिटेल्स बताती है कि आरोपी कितना शातिर है। ज़िला खनिज फ़ाउंडेशन (DMF) द्वारा वित्तपोषित विकास कार्यों के लिए नकली लेटरहेड पर कलेक्टर के हस्ताक्षर करके फ़र्ज़ी प्रशासनिक मंज़ूरी हासिल की गई थी। प्रशासन के सबसे ऊँचे स्तर से जुड़े दस्तावेज़ों में धोखाधड़ी और हेराफेरी के कारण इस मामले को बेहद गंभीर माना जा रहा है।
गिरफ़्तार व्यक्ति, आशीष पिपरे, चामोर्शी नगर पंरिषद का मनोनीत पार्षद है और उसकी पत्नी बीजेपी की पार्षद है। बीजेपी से जुड़े रहने के बावजूद, उसने कांग्रेस पार्टी के कोटे से मनोनीत पार्षद का पद हासिल किया था। उस पर चामोर्शी में 'अगरबत्ती' प्रोजेक्ट के नाम पर महिलाओं के साथ धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप भी हैं। पिपरे की गिरफ़्तारी के बाद जाँच में तेज़ी आई है और पुलिस अब फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के पीछे के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रहीहै।
Social Plugin