ब्रेकिंग न्यूज़: डॉ. नितेश बाजपेयी मामले में डॉ. विवेक येड़े और डॉ. आशा अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज

गोंदिया - डॉ. नितेश बाजपेयी मामले में डॉ. विवेक येड़े और डॉ. आशा अग्रवाल के खिलाफ शहर के राम नगर पुलिस स्टेशन में POCSO एक्ट और अन्य विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। इन दोनों डॉक्टरों ने एक नाबालिग लड़की की डिलीवरी करवाने के बाद उसके शिशु को बिकवाने में डॉ. नितेश बाजपेयी मदद की थी। डॉ. येड़े को निलंबित कर दिया गया है.,इस बीच, मुख्य आरोपी नितेश बाजपेयी सहित 10 आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

 मामले से जुड़ी खबरें - 

डॉ. बाजपेयी का 'न्यू बालाजी सोनोग्राफी सेंटर' सील! अस्पताल का लाइसेंस भी रद्द।

गोंदिया: नितेश बाजपेयी के विरुद्ध वर्ठी पुलिस थाना (जिला भंडारा) और रामनगर गोंदिया पुलिस थानों में एक आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। उसी प्रकरण के चलते एक माह पूर्व, जिला सिविल सर्जन डॉ. पटले ने न्यू बालाजी नर्सिंग होम की मान्यता रद्द कर दी थी।गोंदिया सिविल सर्जन के सोमवार दि.4 मई को जारी आदेश के तहत कार्रवाई करते हुए, बनाई गई जाँच टीम ने डॉ. नितेश बाजपेयी के स्वामित्व वाले 'न्यू बालाजी सोनोग्राफी सेंटर' को भी सील कर दिया है।

डॉ. नितेश बाजपेयी, चिकित्सक पर अस्पताल में पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से आने वाली कई महिलाओं और युवतियों की अवैध डिलीवरी करवाने के आरोप और अवैध संबंधों से पैदा हुए शिशुओं को अलग-अलग लोगों को ₹4 लाख तक की रकम में बेचने के आरोप में भंडारा जिलेऔऱ स्थानीय रामनगर पुलिस स्टेशन में भी मामले दर्ज हैं।रामनगर पुलिस ने सोनोग्राफी सेंटर के निरीक्षण के दौरान कोई भी संबंधित दस्तावेज़ न मिलने पर, 15 अप्रैल को जिला सिविल सर्जन डॉ. पटले को एक पत्र भेजा, जिसमें डॉ. बाजपेयी के सोनोग्राफी सेंटर को सील करने का अनुरोध किया गया था। उस अनुरोध पर एक्शन लेते हुए सोमवार को, डॉ. पाटिल के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आउटपेशेंट) डॉ. बी.डी. जायसवाल, अधिवक्ता रेखा कानतोडे, मेडिकल ऑफिसर डॉ. भारती किल्लासर, डॉ. संजय भगत और डॉ. सुवर्णा हुबेकर की एक टीम ने सील करने की कार्रवाई को अंजाम दिया।..यह जांच किल्लासार, डॉ. संजय भगत और डॉ. सुवर्णा हुबेकर द्वारा की गई है।

इलाज के नाम पर 10 दिन के बच्चे का 3 लाख में सौदा 

                                                                                           सांकेतिक फोटो

 वरठी (भंड़ारा)  -    टी.आर.पी.न्यूज 

10 दिन की बच्ची को एक इलाज के  बहाने 3 लाख रुपये में बेचने के मामले में गोंदिया के एक डॉक्टर का नाम सामने आया है और पांच अन्य   लोगों को भी इस मामले में नामजद किया गया है।.मुख्यआरोपी सहित  फरारलोगों को पुलिस तलाश कर रही है।

वरठी पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान जो बात सामने आई है उसके अनुसार डॉक्टर ने बच्ची को नागपुर भेजने के बहाने अपनी सहयोगी  ललेश्वरी नंदकिशोर सादेपाच (39) की मदद से एक  महिला मालती वाघमारे को 3 लाख में बेच दिया।इस प्रकरण में  गोंदिया निवासी डॉक्टर,उसकी सहयोगी ललेश्वरी सादेपाच बच्ची की खरीददार मालती वाघमारे, व इस मामले में सहयोगी पूर्णिमा धुर्वे और उमेश सिंह रामचंद्र गहलोत के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। ललेश्वरी सादेपाच को गिरफ्तार कर फरार आरोपियों की तलाश जारी है.