सेवानिवृत्त लोको पायलट एवं *कवि किशनलाल किशन सहित २१ कवि- कवयित्रियों को मिला साहित्य-सम्मान
गोंदिया* वर्ष १९५७ में स्व. पं. दिनेश मिश्र द्वारा स्थापित एवं तबसे लेकर आजतक कई अविस्मरणीय आयोजनों के साथ विगत कुछ वर्षों से सतत् चली आ रही मासिक कवि- गोष्ठी की श्रंखला में भिन्न भाषी साहित्य मंडल गोंदिया की मई २०२६ की मासिक कवि गोष्ठी विशेष प्रयोजन को लेकर दिनांक १७ मई रविवार को दोपहर ३.३० बजे से ओबीसी रेलवे कर्मचारी असोसिएशन कार्यालय रेलवे स्टेशन के पास, अधिकारी विश्राम गृह के सामने आयोजित की गई। गोष्ठी का विशेष प्रयोजन था रेलवे में लोको पायलट पद पर सेवारत ओज एव प्रकृति के कवि श्री किशनलाल सिंह किशन की सेवा निवृत्ति पर उनके द्वारा शहर एवं अंचल के कवियों का तथा संस्था द्वारा उन्हें काव्य मनीषी सम्मान प्रदान करना। गोंदिया की साहित्यिक परम्परा में ऐसा पहली बार हुआ है कि सेवा निवृत्ति पर किसी कवि ने अपने साथी २१ कवि मित्रों का एक साथ भावभीना सम्मान किया।
सम्मान समारोह की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष कविवर माणिक गेडाम ने की। बतौर प्रमुख अतिथि भानेगांव सेवती से आमंत्रित कवि श्री कृष्णकुमार मिश्रा, विशेष अतिथि कवि श्री गणेश प्रसाद इसरका,कार्यक्रम के संचालक वरिष्ठ कवि श्री रमेश शर्मा, सत्कार मूर्ति एवं इस मासिक कवि गोष्ठी के प्रभारी संयोजक किशनलाल सिंह किशन मंच पर विराजमान थे।
अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र का विधिवत् पूजन किया गया । पश्चात भिन्न भाषी साहित्य मंडल के क्रियाशील आमंत्रित सदस्य, मुलत: अलीगढ़ निवासी कवि श्री किशनलाल सिंह किशन की रेलवे से सेवानिवृत्ति एवं उनके द्वारा की जा रही काव्य साधना पर संस्था द्वारा अध्यक्ष श्री माणिक गेडाम, प्रमुख अतिथि कृष्णकुमार मिश्रा,संयोजक श्री शशि तिवारी,उपाध्यक्ष छगन पंचे छगन, प्रकाश मिश्रा,कोषाध्यक्ष रमेश शर्मा, सचिव मनोज एल जोशी, सह सचिव निखिलेशसिंह यादव के हाथों उन्हें सपत्नीक शाल, श्रीफल, स्मृतिचिन्ह, पुष्पगुच्छ प्रदान कर काव्य मनीषी साहित्य सम्मान प्रदान किया गया। इसके बाद श्री किशनलाल सिंह किशन के हाथों संस्था की गतिविधियों में सदैव सहभाग एवं उनकी काव्य साधना के लिए कवि मित्रों सर्वश्री माणिक गेडाम, रमेश शर्मा, प्रकाश मिश्रा, छगन पंचे छगन, शशि तिवारी, सौ. कमलेश तिवारी, निखिलेशसिंह यादव,मनोज बोरकर मुसव्विर, चिरंजीव बिसेन, सुरेन्द्र जगने, संतोष सिंह नैकाने,कवयित्री सुश्री शालू कृपाले,डा. अनुराग नागपुरे,आमंत्रित कवि सदस्य कृष्णकुमार मिश्रा, गीतकार किशोर छिपेश्वर बालाघाट, प्रदीप दर्शन झालीवाड़ा,असीम आमगांवी,चैतन्य मातुरकर चैतन्यमय भंडारा, कवयित्री सरिता सरोज नागपुर, प्रियंका सजल आमगांव, को साहित्य सम्मान स्वरूप शाल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह्, पुष्प गुच्छ, कवि माणिक गेडाम रचित काव्य संग्रह संवाद भेंटकर सम्मानित किया गया। कवि छगन पंचे, विजय मेश्राम,रमेश शर्मा ने भी श्री किशनलाल सिंह किशन को पुस्तकें, स्मरणिका भेंट की। संस्था के सचिव एवं दो दिनों पूर्व ही दाम्पत्य सूत्र में बंधे नव युगल कवि श्री चंद्रप्रकाश बनकर को सपत्नीक साहित्य सम्मान एवं दाम्पत्य जीवन की शुभकामनायें संस्था की महिला विभाग प्रमुख वरिष्ठ कवयित्री सौ. कमलेश तिवारी के हाथों दिया गया। प्रत्येक सम्मान के समय समारोह स्थल करतल ध्वनि से गूंजता रहा।

इस प्रसंग पर संस्था के सलाहकार पं. बजरंग लाल शर्मा की अध्यक्षता मे आयोजित कवि सम्मेलन मे विशेष आमंत्रित कवियों ने कुशल मंच संचालक श्री रमेश शर्मा के संचालन मे शानदार काव्य पाठ किया। शुरुआत गीतों की सुमधुर कवयित्री सरिता सरोज ने मां सरस्वती की वंदना से किया और अपनी बारी में गीतों से वातावरण में रस घोल दिया। इनके अलावा गीतकार कृष्णकुमार मिश्रा सुबोध, असीम आमगांवी, कवयित्री कमलेश तिवारी, प्रियंका सजल, किशोर छिपेश्वर सागर, डा. अनुराग नागपुरे, चैतन्य मातुरकर,रमेश शर्मा ने गरिमापूर्ण काव्य पाठ कर मंच को गौरवान्वित किया एवं कवि सम्मेलन को यादगार बना दिया।
अध्यक्षीय सम्बोधन में श्री माणिक गेडाम ने जहाँ कवियों की उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना की वही कवि श्री किशनलाल सिंह किशन के प्रभारी संयोजन में 21 कवियों के गरिमामय सम्मान के लिए उन्हें साधुवाद दिया तथा सेवानिवृत्ति पश्चात उनके स्वस्थ, दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दी। अतिथि स्वागत सर्वश्री मनोज एल. जोशी,कन्हैया तिवारी, विजय मेश्राम, मनोज बोरकर मुसव्विर, संतोष सिंह नैकाने ने, आरंभिक कार्यवाही का संचालन वरिष्ठ कवि संस्था संयोजक श्री शशि तिवारी ने तथा आभार प्रदर्शन सचिव मनोज एल जोशी ने किया। उपस्थतों में डा. सुरेश शर्मा, डा. नरेश आर, गुप्ता, रोहित बिसेन, कवयित्री भारती किरनापुरे, कवि संजय बिसेन, रोमेन्द्र बोरकर, विनोद शुक्ला , अनूप हरिणखेड़े, आदि का समावेश था।सफलतार्थ हर्षल ईश्वरकर, रेड्डी ने सहयोग किया।