'NNTR' में कोर और बफर एरिया का कंट्रोल अब एक ही छत के नीचे
गोंदिया- महाराष्ट्र सरकार ने गोंदिया-नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिज़र्व में एडमिनिस्ट्रेटिव तालमेल लाने के लिए ‘यूनिफाइड कंट्रोल’ सिस्टम लागू किया है। इस फैसले का असल में लागू होना बुधवार से शुरू हो गया है, और इसके तहत आने वाले 12 फॉरेस्ट एरिया ऑफिस का उद्घाटन एरिया डायरेक्टर पीयूष जगताप ने किया। नवेगांव नागझिरा राज्य के 6 बड़े टाइगर प्रोजेक्ट्स में से एक है, जो भंडारा और गोंदिया जिलों में फैला हुआ है। इस प्रोजेक्ट का बफर एरिया 2017 में घोषित किया गया था। हालांकि, अब तक इस एरिया का मैनेजमेंट रीजनल फॉरेस्ट डिपार्टमेंट (गोंदिया 419.894 sq. km और भंडारा 68.566 sq. km) और FDCM (139.514 sq. km) जैसे अलग-अलग डिपार्टमेंट के अंडर था। इस बिखरे हुए मैनेजमेंट की वजह से एडमिनिस्ट्रेटिव मुश्किलें आ रही थीं।अब सरकार के फैसले के मुताबिक, सभी बफर एरिया का कंट्रोल टाइगर प्रोजेक्ट के अंडर आ गया है।गोंदिया के नवेगांव नागजीरा टाइगर रिज़र्व में एडमिनिस्ट्रेटिव तालमेल लाने के लिए एक ज़रूरी कदम उठाया गया है। उमरज़ारी, तिरोदा, सड़क/अर्जुनी, नागज़ीरा, देवरी, पिटेज़ारी, कोका, गड़ेगांव, डोंगरगांव, झांसीनगर, बोंडे, नवेगांव पार्क के फॉरेस्ट रेंज ऑफिस में ‘कोर’ और ‘बफर’ एरिया को मिलाकर बनाया गया नया ‘यूनिफाइड कंट्रोल’ ऑफिस 1 अप्रैल से शुरू हो गया। नवेगांव नागज़ीरा टाइगर रिज़र्व की एरिया डायरेक्टर और डिप्टी कंजर्वेटर ऑफ़ फॉरेस्ट पीयूषा जगताप ने रिबन काटकर इसका उद्घाटन किया। यह ऑफिस टाइगर प्रोजेक्ट के मैनेजमेंट को और असरदार बनाने और कोर और बफर एरिया में तालमेल की कमियों को दूर करने के मकसद से बनाया गया है।
इस अवसर पर गोंदिया वन विभाग के उप वन संरक्षक पवन जोंग, नवेगांव नागझिरा टाइगर रिजर्व गोंदिया के उप संचालक प्रीतम सिंह कोडापे, नवेगांव नागझिरा टाइगर रिजर्व नवेगांव के वन मंडल अधिकारी अतुल देवकर, सामाजिक वानिकी विभाग के वन मंडल अधिकारी तुषार धमधेरे, सहायक वन संरक्षक दुर्गे, रिजवी व वाघ, सभी सहायक वन संरक्षक, सभी वन क्षेत्र अधिकारी व सभी कर्मचारी उपस्थित थे। एक ओर जहां प्रशासन ने 'एकीकृत नियंत्रण' के लिए ये कदम उठाए हैं, वहीं बफर जोन लागू करने को लेकर स्थानीय स्तर पर फिलहाल गुस्से का माहौल है। नए कार्यालय से वन्यजीव प्रबंधन में आसानी होगी, लेकिन इस नए कार्यालय के सामने सबसे बड़ी चुनौती बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना और ग्रामीणों के 'अस्तित्व के अधिकार' की रक्षा करना होगा।नागपुर के कंजर्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट (रीजनल) के 27 मार्च 2026 के ऑर्डर के मुताबिक, अलग-अलग फ़ॉरेस्ट एरिया के दायरे और हेडक्वार्टर में बदलाव किया गया है। इस नए सिस्टम से ये मकसद पूरे होंगे: टाइगर रिज़र्व पर सीधे कंट्रोल से वाइल्डलाइफ़ की घुसपैठ और इंसानी बस्तियों में टकराव कम करने में मदद मिलेगी।
रोज़गार के मौके: बफ़र ज़ोन के लोकल लोगों को टूरिज़्म के ज़रिए रोज़गार के नए मौके मिलेंगे। लोगों की पेंडिंग समस्याओं को तुरंत हल करना मुमकिन होगा। नए स्ट्रक्चर के मुताबिक, फ़ॉरेस्ट एरिया अफ़सरों को दिए गए हेडक्वार्टर में उमरज़ारी, तिरोदा, सड़क/अर्जुनी, नागज़ीरा, देवरी, पिटेज़ारी, कोका, गड़ेगांव, नवेगांव पार्क, डोंगरगांव, झांसीनगर और बोंडे के फ़ॉरेस्ट एरिया ऑफ़िस का उद्घाटन किया गया।

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