डॉ. के. मुखर्जी को स्वदेशी पशु जैवविविधता संरक्षण हेतु फेलोशिप सम्मान 


दुर्ग  -. ड़ा. के. मुखर्जी प्रोफेसर (पशु आनुवंशिकी एवं प्रजनन), दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय, को देशी पशु नस्लों के संरक्षण एवं पहचान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए‘ पालतू पशु जैव विविधता संरक्षण समिति‘ द्वारा प्रतिष्ठित फेलोशिप पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यह सम्मान 08-09 अप्रैल 2026 को आयोजित कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के महानिदेशक द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर उप महानिदेशक (पशु विज्ञान), राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्था के निदेशक सहित अनेक गणमान्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

डॉ. मुखर्जी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की अवर्णित (नॉन-डिस्क्रिप्ट) देशी नस्लों के संरक्षण एवं वैज्ञानिक पहचान में उनके समर्पित कार्य के लिए सराहा गया। उन्होंने कोसली गाय, छत्तीसगढ़ी भैंस तथा अंजोरी बकरी जैसी स्थानीय नस्लों के लक्षणों का सफलतापूर्वक वर्गीकरण एवं अध्ययन किया है, जो जैवविविधता संरक्षण की दिशामें एक महत्वपूर्ण योगदान है।

विश्वविद्यालय के कुलपति एवं कुलसचिव, निदेशकगण, अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय जनसंपर्क अधिकारी एवं प्राध्यापकों ने डॉ. मुखर्जी को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया तथा उनके कार्यों को पशु आनुवंशिकी एवं जैवविविधता संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया