गैस की कमी देख सरकार ने लगाया Essential Commodities Act, 1955 और एस्मा (ESMA) टी.आर.पी. न्यूज
नई दिल्ली -
देश में रसोई गैस को लेकर आने वाली संभावित परेशानी को हल करने और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से Essential Commodities Act, 1955 और एस्मा (ESMA) लागू कर दिया है। इस फैसले के बाद अब गैस एजेंसियां और रिफाइनरियां की अपनी मर्जी नहीं चलेगी साथ ही उपभोक्ताओं के लिए भी सिलेंडर के नियमों में 21 दिनों की शर्त लगा दी गई है।
जो रिफाइनरियां और पेट्रोकेमिकल प्लांट अपनी गैस का इस्तेमाल औद्योगिक उत्पादकों बनाने में करते थे, उन पर पाबंदी लगा दी गई है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोकेमिकल कंपनियां अपनी गैस का इस्तेमाल अब दूसरे कामों के लिए नहीं कर सकेंगी। उन्हें अपनी पूरी गैस सीधे ‘एलपीजी पूल’ में भेजनी होगी, ताकि आम जनता के घरों तक पहुंचने वाली रसोई गैस की सप्लाई में कोई कमी न आए।
उपभोक्ता द्वारा बुकिंग कराते ही तुरंत सिलेंडर नहीं मिलने वाला है। बुकिंग कराने के 21वें दिन की शर्त पूरी होने पर ही पर्ची (Refill Slip) निकलेगी।आग्रह किया गया है कि ग्राहक तुरंत सिलेंडर की मांग न करें। सरकार ने सिलेंडर के वार्षिक कोटे को लेकर भी नियमावली जारी कर दी है। उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले , एक साल में अधिकतम 12 सिलेंडर, सब्सिडी वाले सिलेंडर याने 12 के बाद बिना सब्सिडी वाले केवल 3 सिलेंडर लिए जा सकते हैं। याने अधिकतम 15 सिलेंडर ही मिल सकेंगे।
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