खाल बेचने की फिराक में बाघ और तेंदुए का शिकार, डिप्टी रेंजर सहित 9 आरोपी गिरफ्तार 

 टी.आर.पी.न्यूज - छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर क्षेत्र के जंगलों में बाघ और तेंदुए के अवैध शिकार के मामले में की गई जाँच में वन विभाग के  एक डिप्टी रेंजर सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग वन्यजीवों की खाल  बेचने की योजना पर काम कर रहे थे। वन विभाग का डिप्टी रेंजर देवी प्रसाद पोयाम की मदद से अन्य शिकारियों को जंगलों में बेधड़क प्रवेश का मौका मिला शिकार के लिए आरोपियों ने लोहे के तार के फंदों में बाघ और तेंदुए को फंसाया, जिससे दोनों की मौत हो गई।                                                                    प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव और अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में चली इस मुहिम ने शिकारियों के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है।देवी प्रसाद पोयाम (डिप्टी रेंजर) लक्ष्मण तेलाम ,देवीराम ओयाम,रमेश कुड़ियाम,फरसोन पोयामी,सेमला रमेश,सुखराम पोडियाम,छत्रू कुड़ियाम, मासो ओयाम और अर्जुन भोगामी को तेंदुए की खाल के साथ केशापुर से गिरफ्तार किया गया। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 के तहत यह एक गैर-जमानती अपराध है।   

        इस मामले में छ.ग. के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कड़ा रुख अपनाया है।उनके आदेश पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव और अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में चलीजाँच मेंयह मामला उजागर हुआ। वनमंडलाधिकारी (DFO) दंतेवाड़ा रामकृष्णा ने पत्बरकारों को बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।