बीयर बार में तोड़फोड़, 35 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज
गोंदिया(देवरी) : पिछले तीन महीने से बीयर बार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे देवरी तालुका के धोबाटोला गांव के ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और गुस्साए ग्रामीणों ने बीयर बार में तोड़फोड़ की। यह घटना 18 फरवरी की है पर शुक्रवार, 20 फरवरी को इस घटना का वीडियो सामने आया जिसके बाद चिचगढ़ पुलिस में 35 ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।  
18 फरवरी को ग्राम पंचायत में एक खास ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस समय, बार को खुला रखने या बंद करने का फैसला करने के लिए ग्राम सभा में हाथ उठाकर वोटिंग की जा रही थी।
शाम 5 बजे तक चली वोटिंग के दौरान, बार मालिक के खिलाफ ग्रामीणों के गुस्से ने हिंसक रूप ले लिया। गुस्साए गांववालों ने अ, बार में घुसकर फर्नीचर में तोड़फोड़ की और शराब की बोतलें तोड़ दीं। इस मामले में चिचगढ़ पुलिस ने 35 गांववालों के खिलाफ केस दर्ज किया है और 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और हर जगह पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है।

बुजुर्ग को  न्यायालय से मिली राहत,FIR और चार्जशीट रद्द

गोंदिया:(देवरी) - मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने देवरी निवासी 70 साल के बुजुर्ग जिनका नाम नूतन बंसोड़ है उनके के खिलाफ दर्ज FIR और चार्जशीट के खिलाफ ठोस, भरोसेमंद और पहली नजर में कोई सबुत नहीं होने की बात कहते हुए  FIR और चार्जशीट रद्द कर बड़ी राहत प्रदान की है।नूतन बंसोड़के खिलाफ उनकी एक महिला रिश्तेदार ने  धारा 69 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी.मामला अतिरिक्त सत्र न्यायालय, गोंदिया में  पेश किया गया तब  नूतन बंसोड़ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की उसके इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति उर्मिला फालके-जोशी की खंडपीठ के सामने हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि FIR और चार्जशीट में कोई ठोस, भरोसेमंद और पहली नजर में मानने लायक सबूत नहीं हैं. इसलिए, संबंधित FIR और चार्जशीट को रद्द करने का आदेश जारी किया जाता है। बंसोड़ की ओर से एड. अदिति पारधी और एड. योगेश पारधी ने कोर्ट में अपनी दलीलें पेश कीं थी।