शहीद सूबेदार नेतराम कटरे को दी गई अंतिम सलामी. सालेकसा तहसील के पिपरिया/सुकाटोला निवासी भारतीय सेना के सूबेदार नेतराम हेमराज कटरे हिमाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए. उनके पैतृक गांव में नम आंखों से राजकीय सम्मान के साथ ‘शहीद सूबेदार नेतराम कटरे अमर रहे’ के घोष के साथ अंतिम संस्कार किया गया.



 सूबेदार नेतराम हेमराज कटरे भारतीय सेना के 863 इंजीनियर वर्क्स सेक्शन में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत थे. 19 फरवरी को वह अपनी यूनिट के काम की देखरेख के लिए झाकरी से सुमडो की ओर जा रहे थे. दोपहर करीब 1 बजे कालीधांग के जनरल एरिया में पहाड़ से एक बड़ा पत्थर उनकी गाड़ी पर आ गिरा. पत्थर उस तरफ लगा जहां सूबेदार बैठे थे, जिससे उनके सिर और कंधे में गंभीर चोटें आईं. उन्हें तुरंत पास के डोग्रा स्काउट्स चिकित्सा कक्ष में भेजा किया गया. हालांकि, इलाज के दौरान दोपहर 1.50 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली. शहीद सूबेदार नेतराम हेमराज कटरे सालेकसा तहसील के सुकाटोला के रहने वाले थे. उनके परिवार में मां सरस्वता कटरे, पिता हेमराज कटरे, पत्नी कविता, एक 12 साल का लड़का व एक आठ साल की लड़की है. घटना की जानकारी मिलते ही सेना की तरफ से उनके परिवार को सूचित किया गया और गांव में शौक छा गया. शहीद नेतराम हेमराज कटरे का पार्थिव शरीर 21 फरवरी को सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से एक स्पेशल फ्लाइट से नागपुर एयरपोर्ट लाया गया. नागपुर एयरपोर्ट पर गार्ड्स रेजिमेंटल सेंटर कामठी द्वारा उन्हें मिलिट्री सम्मान दिया दिया. उसके बाद, उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सुकाटोला ले जाया गया, जहां पूरे मिलिट्री सम्मान के साथ उनको नम आंखों से विदाई देकर अंतिम संस्कार किया किया. अंतिम संस्कार के लिए परिसर सहित जिले से हजारों लोग सुकाटोला गांव में जमा हुए. इस अवसर पर विधायक संजय पुराम, पूर्व विधायक सहसराम कोरोटे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद मडामे, उपविभागीय अधिकारी कविता गायकवाड़, सालेकसा तहसीलदार नरसय्या कोंडागुर्ले, पुलिस निरीक्षक भूषण बुराडे, उपसभापति जितेंद्र बल्हारे, सरपंच अनिल सोयाम, ग्राम पंचायत अधिकारी वैष्णव समेत सेना के अधिकारियों और जवानों समेत कई दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद नेतराम कटरे के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस मौके पर शहीद नेतराम कटरे को 
 सलामी दी गई.


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