गुरुजी ने मुश्किल हालात में ज्ञान की गंगा बहाई -- सुधीर दिवे।
आमगांव:- 04 फरवरी 2026
महाराष्ट्र के एक कोने में बसे आमगांव में अपने विचारों के पौधे लगाने वाले गुरुजी ने मुश्किल हालात में भी इतना बड़ा काम किया। समाज के लिए कुछ करने वाले सेवाभावी इंसान ने अपनी पूरी ज़िंदगी समाज के लिए लगा दी, । उन्होंने आदिवासी इलाकों में मुश्किल हालात में ज्ञान की गंगा बहाई। किसी भी तरह का कोई लालच नहीं था। उन्होंने सात्विक जीवन और सादा जीवन को जीवन का आधार माना और समाज को दिशा दी। उन्हें गुरुजी, आदरणीय लक्ष्मणराव मानकर के रूप में एक सच्चा गुरुजी मिला, ऐसे विचार लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट सुधीर दिवे ने अपनेअध्यक्षीय भाषण में व्यक्त किए।
। हर साल की तरह 4 फरवरी को आदर्श विद्यालय और जूनियर कॉलेज आमगांव में लक्ष्मणराव मानकर गुरुजी की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का उद्घाटन चैरिटी कमिश्नर डॉ. दिशा पजायी ने BJP प्रदेश सदस्य सुधीर दिवे की अध्यक्षता में किया। इस अवसर पर विधायक संजय पुरम, विधायक विजय रहांगडाले, जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, उपाध्यक्ष सुरेश हर्षे, भाजपा जिला अध्यक्ष सीताताई रहांगडाले, संगठन मंत्री वीरेंद्र जानकर, सभापति डॉ. लक्ष्मण भगत रजनीताई कुंभार, दीपताई चंद्रिकापुरे, ज्ञानीदास महाराज, स्वामी सरस्वती महाराज, शिवसेना जिला अध्यक्ष सुरेंद्र नायडू, महिला आघाड़ी अध्यक्ष तुमेश्वरी बघेल, पूर्व अध्यक्ष योगिता पुंड, संगठन के पूर्व विधायक केशवराव मानकर, अध्यक्ष सुरेश बाबू असाटी, संचालक हरिहर मानकर, रमेश कवले, उर्मिला कवले, लक्ष्मीबाई नागपुरे, ललित मानकर, स्नेहा मानकर, संयोजक प्राचार्य डी,एम, राउत सहित सभी घटक संगठनों के प्राचार्य उपस्थित थे।
उद्घाटन भाषण चैरिटी कमिश्नर डॉ. दिशा पजायी का था केशवराव मानकर एक छोटे से गांव में शिक्षा का पौधा लगाकर उसे वटवृक्ष बनाने की इस विरासत को संभाले हुए हैं यह प्रशंसा की बात है। आम आदमी से निकलकर सामने आए असाधारण व्यक्तित्व मानकर गुरुजी ने यह बात कही। इस अवसर पर जीप अध्यक्ष लायकराम भेंडरकर, सभापति डॉ. लक्ष्मण भगत ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्वेय गुरुजी की पूर्ण लंबाई वाली प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ हुई। गुरुजी के कार्यों से प्रेरित होकर समाज में सामाजिक और शैक्षणिक कार्य करने वाले अतिथियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। संघी टॉपर गोदिन्या की ओर से हर साल तालुका में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाता था। बाद में अध्यक्ष ने कठिन परिस्थितियों में 1950 में भवभूति शैक्षणिक संस्थान की स्थापना की। उस समय उनकी आयु मात्र 21 वर्ष थी। भवभूति, राजनीति समाज के लिए थी। जनसंघ के मंच से राजनीति शुरू करने वाले गुरुजी विधायक, सांसद और विधान परिषद सदस्य बने। पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनका बड़ा योगदान रहा है। कहा कि गुरुजी के नाम पर बड़े काम होने चाहिए। कहा जाता है कि समाज को संत या महात्मा की तपस्या तब समझ नहीं आती जब वे जीवित होते हैं। उन्होंने राय दी कि समाज को यह बात उनके मरने के बाद ही समझ आती है। प्रोग्राम का परिचय संस्था के बारे में था। पूर्व MLA केशवराव मानकर ने इंस्टीट्यूट में चल रही कई एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। प्रोग्राम का संचालन उमेश मेंढे, तोषिका पटले, पूनम बिसेन, विद्या साखरे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रिंसिपल डी.एम. राउत ने दिया।



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