आज पेश हुए बजट पर विभिन्न लोगों द्वारा दी गई  प्रतिक्रिया -                केंद्रीय बजट 2026:

                                                            केंद्रीय बजट 2026:


राहुल गांधी ने बजट पर दी प्रतिक्रिया, कहा – संसद से कहेंगे अपनी बात

पत्रकारों ने जब राहुल से इस बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कोई बयान देने से इनकार कर दिया। हालांकि राहुल ने यह भी कहा कि वह सोमवार को संसद से अपनी बात कहेंगे। राहुल ने कहा कि वह ससंद के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके बजट पर अपनी राय व्यक्त करेंगे।..............................................................................................................................................

गोंदिया-  पूर्व सांसद सुनील मेंढे ,भंडारा गोंदिया लोकसभा क्षेत्र                                        

आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम: सुनील मेंढे

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया बजट आत्मनिर्भर भारत के सपने की साफ़ झलक है। मिडिल क्लास के हितों की रक्षा करने वाला यह बजट युवाओं, बेरोज़गारों, किसानों और आम नागरिक को पूरी तरह से ध्यान में रखकर बनाया गया लगता है।

हेल्थ सिस्टम को मज़बूत करना, युवाओं के लिए रोज़गार के मौके बनाना और टूरिज़्म सेक्टर के विकास पर ज़ोर देना इस बजट की मुख्य बातें हैं। भारत को मेडिकल टूरिज़्म के सेंटर के तौर पर डेवलप करना और दवा बनाने के लिए ग्लोबल ‘हब’ के तौर पर अपनी पहचान बनाना, एक विकसित भारत के कॉन्सेप्ट के पूरक हैं।

इसके साथ ही, देश में 7 नए रेलवे कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जो कम्युनिकेशन सिस्टम को और बेहतर बनाएंगे। ये रेलवे कॉरिडोर यात्रियों की यात्रा को तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा सुविधाजनक बनाएंगे। किसानों, व्यापारियों और इंडस्ट्रीज़ के लिए माल ढुलाई आसान और कम खर्चीली होगी, और ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच आर्थिक जुड़ाव मज़बूत होगा। इससे रोज़गार के मौके बढ़ेंगे और आम नागरिक के जीवन स्तर में अच्छा बदलाव आएगा। पूर्व MP सुनील मेंढे ने कहा है कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


वर्तमान सांसद -  डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले ,सांसद, भंडारा गोंदिया लोकसभा क्षेत्र

सरकार विकसित भारत की बात करती है, लेकिन ज़मीन पर कुछ भी नहीं दिखता

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बजट पेश किया, लेकिन यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। देश को उम्मीद थी कि इस बजट में महंगाई से परेशान मध्यम वर्ग, बेरोज़गार युवाओं, किसानों और छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया।

सरकार विकसित भारत की बात तो करती है, लेकिन इस बजट में आम आदमी की जिंदगी आसान बनाने वाले कदम दिखाई नहीं दिए। बजट आते ही शेयर बाजार में बड़ी गिरावट हुई — निफ्टी करीब 700 अंक और सेंसेक्स करीब डेढ़ हजार अंक टूट गया। जिससे यह दिखाता है कि बाजार को भी बजट पर भरोसा नहीं है।

महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई का सामान, गैस सिलेंडर, शिक्षा और इलाज सब महंगे होते जा रहे हैं, लेकिन मध्यम वर्ग को कोई बड़ी टैक्स राहत नहीं दी गई। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को लेकर भी कोई महत्वाकांक्षी योजना सामने नहीं आई।

किसानों को इस बजट से कर्ज माफी की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इस पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। आज खेती करना पहले से ही मुश्किल और महंगा हो चुका है। खाद, बीज, कीटनाशक, डीज़ल और बिजली की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस बजट के बाद खेती की लागत और बढ़ेगी, जिससे किसान और अधिक कर्ज में डूबने को मजबूर होंगे।

किसानों की आमदनी बढ़ाने, फसल का सही दाम दिलाने और उनकी लागत कम करने पर बजट में कोई मजबूत पहल नहीं दिखी। छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए भी खास मदद का प्रावधान नहीं है।परमाणु संयंत्रों के आयात को सस्ता करने का फैसला यह बताता है कि सरकार देश में निर्माण बढ़ाने के बजाय विदेशी दबाव में फैसले ले रही है।कुल मिलाकर यह बजट आम जनता को राहत देने वाला नहीं है। यह बजट निराशाजनक है और देश के करोड़ों लोगों की उम्मीदों को तोड़ने वाला है। कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ उठाती रहेगी।

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राजेशकुमार शर्मा

फाउंडर, श्री राम वेंचर, गोंदिया

नए बजट पर प्रतिक्रिया - केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने विकास, निवेश और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है। बजट में बॉन्ड मार्केट, MSME, स्वास्थ्य एवं सेवा क्षेत्रों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ स्टार्टअप और IT सेक्टर के लिए भी नए अवसर प्रस्तुत किए गए हैं, जिससे दीर्घकालीन रोजगार संभावनाओं को बल मिलेगा।

F&O से जुड़े लेन-देन पर STT तथा कंपनी प्रमोटर्स के शेयर बायबैक पर कर लगाने का उद्देश्य अल्पकालिक सट्टेबाज़ी को नियंत्रित करना और निवेशकों को दीर्घकालिक निवेश की ओर प्रेरित करना है। वहीं, करदाताओं पर कोई नया प्रत्यक्ष कर बोझ न डालते हुए राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने का स्पष्ट संकेत दिया गया है।

कुल मिलाकर यह बजट संतुलित, विकासोन्मुख और बाजार-हितैषी दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो अर्थव्यवस्था में स्थिरता और विश्वास को मजबूत करेगा।

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गोंदिया-   कुशल चोपड़ा सी.ए. 

केंद्रीय बजट 2026 को एक विकासोन्मुखी, रोजगार-सृजन पर केंद्रित और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला बजट कहा जा सकता है। सरकार ने आर्थिक स्थिरता बनाए रखते हुए रोजगार, MSME और Startup India जैसे महत्वपूर्ण स्तंभों को मजबूत करने का सराहनीय प्रयास किया है।

रोज़गार सृजन (Employment Generation) के दृष्टिकोण से बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और सर्विस सेक्टर पर दिया गया जोर अत्यंत महत्वपूर्ण है। बड़े स्तर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि इससे जुड़े सहायक उद्योगों में भी अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा। युवाओं को कौशल आधारित अवसर प्रदान करने की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।

MSME सेक्टर, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, इस बजट का प्रमुख लाभार्थी बनकर उभरा है। आसान क्रेडिट उपलब्धता, वित्तीय सहायता, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने जैसे उपाय छोटे व मध्यम उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। इससे न केवल MSME का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और उत्पादन को भी बल मिलेगा।

Startup India के लिए बजट में दिए गए प्रोत्साहन भारत की नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को और मजबूती देंगे। फंडिंग सपोर्ट, स्टार्टअप इकोसिस्टम को सरल बनाने के प्रयास और टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने से युवा उद्यमियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। यह भारत को एक ग्लोबल स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है।

करदाताओं के लिए कर प्रणाली को सरल बनाने, अनुपालन को आसान करने और डिजिटल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को बढ़ावा देने के प्रयास स्वागतयोग्य हैं, जिससे ‘Ease of Doing Business’ को और मजबूती मिलेगी।

हालांकि, महंगाई नियंत्रण, ग्राउंड लेवल पर MSME तक क्रेडिट की वास्तविक पहुंच और ग्रामीण व अर्ध-शहरी रोजगार पर निरंतर ध्यान देना आवश्यक होगा।

कुल मिलाकर, यह बजट रोजगार, उद्यमिता और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है।”**

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